छत्तीसगढ़

डार्क वेब : दो नाबालिगों का आतंकी कनेक्शन! एटीएस की जांच में बड़े खुलासे

रायपुर। छत्तीसगढ़ एटीएस (ATS) की जांच में एक बेहद चौंकाने वाला खुलासा हुआ है, जिसने सुरक्षा एजेंसियों को चिंता में डाल दिया है। दो नाबालिग किशोर, जो सामान्य दिखते हैं, उनका डिजिटल नेटवर्क डार्क वेब और विदेशी आतंकी समर्थकों के साथ खतरनाक स्तर पर फैल चुका था। यह राज्य में पहला ऐसा मामला है जब नाबालिगों के इस तरह के गंभीर लिंक सामने आए हैं।

डार्क वेब पर हथियारों की खरीद-फरोख्त की खोज

एटीएस की तकनीकी टीम ने जब एक डिवाइस की गहन जांच की, तो पता चला कि एक नाबालिग डार्क वेब पर हथियारों से जुड़े पन्नों को सक्रिय रूप से खंगाल रहा था। उसकी सर्च हिस्ट्री में हथियारों की कीमत, आपूर्ति मार्ग और खरीदने की पूरी प्रक्रिया से संबंधित खोजें मिली हैं। एजेंसियों ने इस गतिविधि को अत्यंत गंभीर माना है।

अरबी भाषा सीखकर विदेशी स्रोतों से जुड़ाव

जांच से यह भी स्पष्ट हुआ है कि एक नाबालिग अरबी भाषा सीखने की कोशिश कर रहा था। उसके पास से मिले वीडियो लेक्चर, ऑनलाइन पोर्टल और चैट के पैटर्न यह बताते हैं कि वह किसी बिचौलिए के बिना सीधे विदेशी स्रोतों से जुड़ना चाहता था। उसकी कम उम्र को देखते हुए यह प्रयास असामान्य और अत्यंत चिंताजनक है।

‘ISIS Raipur’ इंस्टाग्राम ग्रुप बनाकर अन्य नाबालिगों को जोड़ने का प्रयास

सबसे अधिक चौंकाने वाली बात यह सामने आई है कि 16 वर्षीय किशोर ने ‘ISIS Raipur’ नाम से एक इंस्टाग्राम ग्रुप बनाया था। इसमें और भी नाबालिगों को जोड़ने की कोशिशें मिली हैं। गतिविधियों को गुप्त रखने के लिए इस ग्रुप को बार-बार सीक्रेट चैट रूम में बदला जाता था।

चैट ग्रुप में अंतर्राष्ट्रीय और अंतर-राज्यीय आईडी

एजेंसियों ने एक ही ग्रुप चैट में कई देशों और विभिन्न भारतीय राज्यों से संबंधित इंस्टाग्राम आईडी की पहचान की है। यह साफ संकेत है कि संपर्क का दायरा प्रारंभिक अनुमान से कहीं ज्यादा विस्तृत है।

एक से अधिक विदेशी हैंडलर्स की पुष्टि

जांच ने इस बात की पुष्टि की है कि इन नाबालिगों के संपर्क सिर्फ पाकिस्तान-आधारित डिजिटल हैंडलर तक सीमित नहीं थे। नए डेटा में कई विदेशी ठिकाने, एन्क्रिप्टेड फाइलें और अलग-अलग चैट पैटर्न मिले हैं, जो कई विदेशी हैंडलर्स की ओर इशारा करते हैं।

संवेदनशील स्थानों की निशानदेही और मैपिंग

रिकवर किए गए डिजिटल डेटा में कुछ संवेदनशील स्थानों से जुड़ी चिन्हित लोकेशन और संदिग्ध मैपिंग के संकेत भी सामने आए हैं। इसके अलावा, जांच दल ‘Operation Sindoor’ से जुड़ी गतिविधियों की भी गहनता से जांच कर रहा है।

न्यायिक प्रक्रिया और आगे की जांच

दोनों नाबालिगों को एटीएस ने सोमवार को हिरासत में लिया था और अगले ही दिन किशोर न्याय बोर्ड के सामने पेश किया गया। फिलहाल, उन्हें माना स्थित किशोर निवास गृह भेज दिया गया है।

केंद्रीय एजेंसियों की मदद से डिजिटल फोरेंसिक की आगे की परतें खोली जा रही हैं। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, “यह मामला अभी अपनी पूरी तस्वीर नहीं दिखा रहा है। असली नेटवर्क कितना गहरा और व्यापक है, यह आने वाले दिनों की जांच में साफ होगा।”

Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button