सर्राफा बाजार में भारी हलचल : सोना और चांदी की कीमतों में जोरदार गिरावट

मुंबई (एजेंसी)। भारतीय कमोडिटी मार्केट (MCX) में पिछले कुछ दिनों से कीमती धातुओं की कीमतों में गिरावट का दौर जारी है। बजट में स्वर्ण और रजत धातुओं के लिए किसी सीधी घोषणा के अभाव के बावजूद, वैश्विक संकेतों ने घरेलू बाजार पर गहरा असर डाला है। सोमवार को कारोबारी हफ्ते की शुरुआत होते ही सोने और चांदी के दामों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई, जिससे निवेशकों के बीच खलबली मच गई है।
कीमतों का ताज़ा हाल
सोमवार सुबह के सत्र में एमसीएक्स पर कीमतों की स्थिति कुछ इस प्रकार रही:
सोना: फरवरी डिलीवरी वाले सोने में लगभग 5,700 रुपये (4%) की कमी आई, जिससे भाव 1,36,500 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर के करीब पहुंच गया।
चांदी: मार्च डिलीवरी वाली चांदी में रिकॉर्ड 23,900 रुपये (करीब 9%) की भारी गिरावट देखी गई। अब चांदी 2,41,744 रुपये प्रति किलो के आसपास कारोबार कर रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि चांदी अपनी हालिया रिकॉर्ड ऊंचाई से लगभग 1.79 लाख रुपये तक टूट चुकी है, जो बाजार में आई बड़ी ‘प्रॉफिट बुकिंग’ को दर्शाता है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार का प्रभाव
वैश्विक स्तर पर भी कीमतों में काफी उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है। स्पॉट गोल्ड अंतरराष्ट्रीय बाजार में करीब 4% तक लुढ़क गया। चांदी ने पिछले एक दशक की सबसे बड़ी ‘इंट्राडे’ गिरावट का सामना किया, हालांकि बाद में यह 80 डॉलर प्रति औंस के ऊपर संभलने में कामयाब रही।
गिरावट के प्रमुख कारण
बाजार विश्लेषकों ने इस मंदी के पीछे कुछ मुख्य वजहें बताई हैं:
अमेरिकी राजनीतिक घटनाक्रम: रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा केविन वॉर्श को फेडरल रिजर्व का नया प्रमुख नामित किए जाने की संभावना है। इस खबर ने डॉलर को मजबूती दी, जिससे सोने-चांदी की कीमतों पर दबाव बढ़ा।
मुनाफावसूली (Profit Booking): जनवरी के महीने में वैश्विक तनाव और मुद्रा संबंधी चिंताओं के कारण कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई थीं। अब बड़े निवेशक ऊंचे दामों पर बिकवाली कर मुनाफा कमा रहे हैं।
डॉलर की मजबूती: अमेरिकी डॉलर की बढ़ती ताकत ने उन ट्रेडर्स की धारणा बदल दी है जो लंबे समय से डॉलर के कमजोर होने की उम्मीद लगाए बैठे थे।
















