छत्तीसगढ़

विकास की आड़ में प्रकृति का विनाश और करोड़ों का भ्रष्टाचार

बीजापुर। बीजापुर जिले में बुनियादी ढांचे के विकास के नाम पर सरकारी धन की जमकर बंदरबांट हो रही है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के अंतर्गत नेलाकांकेर से कमलापुर तक बन रही सड़क अब भ्रष्टाचार और पर्यावरणीय नुकसान का जीता-जागता उदाहरण बन चुकी है।

भ्रष्टाचार का ‘पेटी कांट्रैक्ट’ मॉडल

जांच में यह बात सामने आई है कि मुख्य ठेकेदारों ने अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ते हुए काम को पेटी कांट्रैक्टर्स (Sub-contractors) के हवाले कर दिया है। निगरानी के अभाव में निर्माण कार्य में मानकों की जमकर धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।

गुणवत्ता से खिलवाड़: बोल्डर और रेत का खेल

सड़क और पुलिया निर्माण में तकनीकी मापदंडों को पूरी तरह दरकिनार कर दिया गया है। निर्माण की भयावह स्थिति इन बिंदुओं से समझी जा सकती है:

अवैध सामग्री का उपयोग: पुलों के निर्माण में जहाँ निर्धारित आकार की गिट्टी का उपयोग होना चाहिए, वहाँ नदी के कच्चे बोल्डरों को सीधे इस्तेमाल किया जा रहा है।

सीमेंट की चोरी: कंक्रीट मिश्रण में सीमेंट की मात्रा न्यूनतम रखी जा रही है और उसकी जगह अत्यधिक रेत मिलाई जा रही है।

क्युरिंग की अनदेखी: निर्माण के बाद मजबूती के लिए सबसे जरूरी ‘तराई’ (Curing) की प्रक्रिया गायब है, जिससे ढांचा समय से पहले ही जर्जर होने लगा है।

खतरे की घंटी: स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, सड़क और पुलिया में अभी से ही गहरी दरारें नजर आने लगी हैं। यह भविष्य में किसी बड़े हादसे को न्योता दे रही हैं।

पर्यावरण पर प्रहार: राख हुए बेशकीमती सागौन

भ्रष्टाचार केवल पैसों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसने क्षेत्र की प्राकृतिक संपदा को भी भारी नुकसान पहुँचाया है। सड़क चौड़ीकरण के नाम पर:

ठेकेदार ने पोकलेन मशीनों का उपयोग कर सैकड़ों बेशकीमती सागौन और अन्य इमारती पेड़ों को धराशायी कर दिया।

साक्ष्यों को मिटाने के लिए इन गिरे हुए पेड़ों को आग के हवाले कर दिया गया, जिससे लाखों की लकड़ी राख में तब्दील हो गई।

प्रशासन की चुप्पी पर सवाल

करोड़ों की लागत वाली इन परियोजनाओं में हो रही इस धांधली पर संबंधित विभाग के अधिकारियों ने रहस्यमयी चुप्पी साध रखी है। सवाल यह उठता है कि क्या यह पूरा खेल मिलीभगत का परिणाम है?

कागजों पर चमचमाती सड़कों का दावा करने वाला विभाग धरातल पर हो रही इस लूट को रोकने में पूरी तरह विफल साबित हुआ है। बीजापुर की जनता अब इस मामले में उच्च स्तरीय जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग कर रही है।

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