मां दंतेश्वरी के दरबार में बरसी श्रद्धा, दानपेटी से निकले लाखों रुपये और भावुक चिट्ठियां

दंतेवाड़ा। छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में स्थित प्रसिद्ध 51 शक्तिपीठों में से एक, मां दंतेश्वरी मंदिर की दानपेटियां हाल ही में तीन साल के लंबे अंतराल के बाद खोली गईं। प्रशासन और मंदिर समिति की देखरेख में हुई इस गणना में न केवल भारी-भरकम राशि प्राप्त हुई, बल्कि भक्तों की अटूट आस्था के कई दिलचस्प रूप भी देखने को मिले।
दान का लेखा-जोखा: 19 लाख से अधिक की राशि
मंदिर समिति के सदस्यों और पुजारियों ने घंटों की मेहनत के बाद दानपात्रों में जमा राशि की गिनती पूरी की।
कुल प्राप्त राशि: ₹19,44,432 (उन्नीस लाख चौवालीस हजार चार सौ बत्तीस रुपये)।
समयावधि: यह राशि पिछले तीन वर्षों के दौरान भक्तों द्वारा अर्पित की गई थी।
प्रक्रिया: गणना के दौरान पारदर्शिता बनाए रखने के लिए मंदिर समिति और स्थानीय प्रशासन के अधिकारी मौजूद रहे।
रुपयों के साथ मिलीं दिल को छू लेने वाली ‘अर्जियां’
दानपेटी में केवल नोट और सिक्के ही नहीं थे, बल्कि दर्जनों ऐसे पत्र भी निकले जिनमें भक्तों ने अपनी खुशियों और दुखों को मां के साथ साझा किया था। इन चिट्ठियों में जीवन की छोटी-बड़ी कई मनोकामनाएं दर्ज थीं:
प्यार की पुकार: एक प्रेमी ने बेहद भावुक पत्र लिखकर मां से अपनी प्रेमिका को वापस पाने की गुहार लगाई। उसने लिखा कि पारिवारिक विवादों के कारण वे अलग हो गए हैं, लेकिन वह उसी के साथ जीवन बिताना चाहता है।
करियर और शिक्षा: कई छात्रों ने परीक्षा में अच्छे अंक लाने और बेरोजगार युवाओं ने मनचाही नौकरी पाने के लिए मां के चरणों में अपनी अर्जी लगाई।
विवाह की मन्नत: कुछ पत्रों में भक्तों ने अपने विवाह में आ रही बाधाओं को दूर करने की प्रार्थना की थी।
मंदिर समिति का कहना है कि आमतौर पर दानपेटियां साल में 3-4 बार खोली जाती हैं, लेकिन इस बार एक लंबे समय के बाद इन्हें खोला गया, जिससे भारी मात्रा में दान राशि और श्रद्धालुओं के पत्र प्राप्त हुए हैं।
















