धमतरी में ‘बिजली बिल समाधान योजना’ की धूम : हजारों उपभोक्ताओं को भारी बकाया से मिली राहत

धमतरी। छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सरकार की ‘मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना-2026’ आम जनता के लिए वरदान साबित हो रही है। धमतरी जिले में इस योजना ने उन परिवारों के चेहरों पर मुस्कान लौटा दी है, जो लंबे समय से बिजली के भारी-भरकम बिलों के कारण आर्थिक तनाव झेल रहे थे। शासन की इस पहल से अब हजारों उपभोक्ता कर्ज मुक्त होकर सुकून की सांस ले रहे हैं।
राहत की एक नई कहानी: विशाल परिवार का अनुभव
धमतरी के रहने वाले बी. एस. विशाल के परिवार के लिए बिजली का बकाया बिल एक बड़ी चुनौती बन गया था। कम आय के कारण वे समय पर भुगतान नहीं कर पा रहे थे, जिससे उन पर मानसिक दबाव बढ़ता जा रहा था। जब सरकार ने इस समाधान योजना की शुरुआत की, तो उनके बेटे डेनियल विशाल ने बिजली विभाग के शिविर में जाकर आवेदन किया।
“बकाया मूल राशि में बड़ी छूट और लेट पेमेंट सरचार्ज के पूरी तरह माफ होने से हमारे परिवार को बहुत बड़ी मदद मिली है। प्रक्रिया इतनी आसान थी कि हमें कोई परेशानी नहीं हुई। अब हम बिना किसी डर के नियमित बिजली का उपयोग कर रहे हैं।”
— डेनियल विशाल, लाभार्थी
धमतरी जिले में योजना की प्रगति
विद्युत विभाग के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, धमतरी में इस योजना को लेकर जनता में भारी उत्साह देखा जा रहा है:
कुल पात्र उपभोक्ता: 4,652
सफलतापूर्वक आवेदन: 4,115 (ऑफलाइन मोड)
लाभान्वित परिवार: 537 परिवारों को अब तक पूरी तरह बकाया मुक्त किया जा चुका है।
योजना की मुख्य विशेषताएं और छूट का विवरण
इस योजना को इस तरह डिजाइन किया गया है कि समाज के सबसे कमजोर वर्ग को अधिकतम लाभ मिल सके:
श्रेणी,मूल राशि पर छूट,सरचार्ज (अधिभार) माफी
BPL उपभोक्ता,75% तक,100% (पूर्ण माफी)
सामान्य घरेलू एवं कृषि,50% तक,100% (पूर्ण माफी)
भुगतान का सरल तरीका:
उपभोक्ताओं को केवल 10% प्रारंभिक राशि जमा करनी होगी। इसके बाद शेष राशि को वे अपनी सुविधानुसार आसान किस्तों में चुका सकते हैं।
30 जून तक उठाएं लाभ
यह योजना 12 मार्च 2026 से शुरू हो चुकी है और 30 जून 2026 तक चलेगी। शासन द्वारा गांव-गांव और शहरों के वार्डों में विशेष शिविर लगाए जा रहे हैं। स्थानीय स्तर पर मुनादी और जनसंपर्क के जरिए लोगों को इस सुनहरे अवसर का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
यह कदम न केवल विद्युत विभाग के राजस्व में सुधार लाएगा, बल्कि प्रदेश के हजारों घरों को अंधेरे और आर्थिक बोझ से बाहर निकालकर ‘सुशासन’ के संकल्प को भी पूरा करेगा।
















