हाईटेक किले में चल रहा था नशे का कारोबार : रायपुर पुलिस ने सीसीटीवी और सेंसर वाले ठिकाने पर दी दबिश, दो तस्कर दबोचे

रायपुर। राजधानी में नशे के सौदागरों ने पुलिस की नजरों से बचने के लिए तकनीकी सुरक्षा का सहारा लेना शुरू कर दिया है, लेकिन रायपुर पुलिस की मुस्तैदी के आगे उनकी यह चालाकी धरी की धरी रह गई। सिटी कोतवाली थाना पुलिस ने एक ऐसे ही ‘हाईटेक’ ठिकाने का भंडाफोड़ किया है जहाँ सीसीटीवी और मोशन सेंसर की पहरेदारी में गांजा की पैकिंग और बिक्री की जा रही थी।
मुखबिर की सूचना पर घेराबंदी
घटना 23-24 फरवरी की दरम्यानी रात की है। डीसीपी सेंट्रल जोन के नेतृत्व में जारी नशामुक्त अभियान के दौरान पुलिस को सूचना मिली कि नेहरू नगर के नरैय्या तालाब इलाके में कुछ लोग गांजे की पुड़िया बनाकर बेच रहे हैं। पुलिस ने बिना वक्त गंवाए इलाके की घेराबंदी की और दो संदिग्धों को हिरासत में लिया।
पकड़े गए आरोपियों की पहचान इस प्रकार है:
अब्दुल जाफर (32 वर्ष): निवासी नेहरू नगर, रायपुर।
सुनील जगत (28 वर्ष): निवासी सुदामा नगर, टिकरापारा।
सुरक्षा के लिए लगाए थे सेंसर और कैमरे
जब पुलिस ने आरोपियों के मेमोरेंडम के आधार पर कालीबाड़ी स्थित नाले के पास उनके गुप्त ठिकाने (हाइडआउट) पर छापा मारा, तो वहां का नजारा देख अधिकारी भी दंग रह गए। आरोपियों ने पुलिस की आहट पहले ही भांपने के लिए:
मुख्य दरवाजे पर मोशन सेंसर लगा रखा था।
आस-पास के रास्तों पर सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जा रही थी।
सूचनाओं के आदान-प्रदान के लिए वाई-फाई और आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का उपयोग हो रहा था।
जब्त की गई सामग्री
पुलिस ने मौके से भारी मात्रा में नशीले पदार्थ और अन्य सामान बरामद किया है:
7 किलो 397 ग्राम गांजा (बाजार मूल्य लगभग ₹85,000)।
पैकिंग के लिए प्लास्टिक झिल्ली और इलेक्ट्रॉनिक तौल मशीन।
नगद राशि और निगरानी में प्रयुक्त वाई-फाई व अन्य गैजेट्स।
कानूनी कार्रवाई और नेटवर्क की तलाश
पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ NDPS एक्ट की धारा 20(b) और 29 के तहत मामला दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया है। इस सफल कार्रवाई में उप निरीक्षक जानकी शरण मरावी, प्रधान आरक्षक डोली नेताम और उनकी टीम की मुख्य भूमिका रही।
अब पुलिस इस बात की गहराई से जांच कर रही है कि इन आरोपियों को गांजे की सप्लाई कहाँ से हो रही थी और इनके तार और किन बड़े तस्करों से जुड़े हैं। रायपुर पुलिस ने साफ कर दिया है कि शहर में नशे के अवैध कारोबार को जड़ से मिटाने के लिए इस तरह की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
















