नक्सलवाद का अंत : छत्तीसगढ़ में खुशहाली और प्रगति के नए अध्याय की शुरुआत

रायपुर। छत्तीसगढ़ को नक्सलवाद के अभिशाप से मुक्त करने की दिशा में मिली हालिया सफलता प्रदेश के इतिहास में एक मील का पत्थर साबित हुई है। इस ऐतिहासिक उपलब्धि के बाद, राज्य के उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से उनके नवा रायपुर स्थित निवास पर भेंट की। उन्होंने इस बड़ी कामयाबी के लिए मुख्यमंत्री का अभिनंदन किया और पुष्पगुच्छ भेंट कर अपनी शुभकामनाएं दीं।
विकास की मुख्यधारा से जुड़ेगा बस्तर
इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रदेश के भविष्य को लेकर अपनी दूरदर्शिता साझा की। उन्होंने कहा:
बाधाओं का अंत: दशकों से नक्सलवाद छत्तीसगढ़, विशेषकर बस्तर की उन्नति के मार्ग में सबसे बड़ी रुकावट बना हुआ था।
शांति का उदय: अब वह ‘लाल आतंक’ का दौर समाप्त हो रहा है और उसकी जगह शांति, सुरक्षा और भरोसे ने ले ली है।
सकारात्मक बदलाव: दूरदराज के क्षेत्रों में अब बुनियादी सुविधाएं और विकास की योजनाएं तेजी से पहुँच रही हैं, जिससे आम नागरिकों के जीवन स्तर में सुधार आ रहा है।
दृढ़ इच्छाशक्ति और सामूहिक प्रयास की जीत
मुख्यमंत्री ने इस सफलता का श्रेय केंद्र सरकार के प्रभावी नेतृत्व को देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री श्री अमित शाह की स्पष्ट नीतियों के बिना यह संभव नहीं था। उनकी मजबूत रणनीति के कारण ही आज छत्तीसगढ़ ‘भयमुक्त’ होने की राह पर है।
शहीदों को नमन और जवानों का सम्मान
मुख्यमंत्री ने उन वीर जवानों को भी याद किया जिन्होंने राज्य की सुरक्षा के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। उन्होंने कहा कि:
“हमारे सुरक्षाबलों का अदम्य साहस और समर्पण ही इस जीत की असली नींव है। शहीदों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा; उनके साहस ने ही राज्य को सुरक्षित भविष्य की ओर बढ़ने का मार्ग दिखाया है।”
स्वर्णिम भविष्य की ओर कदम
मुख्यमंत्री श्री साय ने विश्वास व्यक्त किया कि नक्सलवाद से मुक्ति के बाद अब छत्तीसगढ़ निवेश, शिक्षा और अधोसंरचना के क्षेत्र में लंबी छलांग लगाएगा। आने वाले समय में छत्तीसगढ़ न केवल आत्मनिर्भर बनेगा, बल्कि देश के सबसे विकसित राज्यों की श्रेणी में अपनी पहचान सशक्त करेगा।
















