छत्तीसगढ़

गन्ना और धान के मुद्दों पर किसानों का फूटा गुस्सा, नेशनल हाईवे घंटों रहा ठप

कवर्धा। कवर्धा जिले में सोमवार को कृषि समस्याओं को लेकर किसानों का बड़ा विरोध प्रदर्शन देखने को मिला। भारतीय किसान संघ के बैनर तले किसानों ने पंडरिया के पास कवर्धा–मुंगेली नेशनल हाईवे (130-A) पर चक्काजाम कर दिया। इस विरोध प्रदर्शन के कारण सड़क के दोनों ओर गाड़ियों का लंबा जमावड़ा लग गया, जिससे यात्रियों को काफी असुविधा हुई।

प्रमुख मांगें और विवाद के कारण

किसानों के इस आंदोलन के पीछे मुख्य रूप से दो बड़ी वजहें रहीं:

गन्ने के दामों में वृद्धि: प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पिछले पांच सालों से शक्कर कारखानों ने गन्ने के समर्थन मूल्य में कोई बढ़ोतरी नहीं की है। किसानों का कहना है कि जब अन्य क्षेत्रों और मिलों में भाव 500 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गया है, तो उन्हें कम कीमत पर फसल बेचने के लिए क्यों मजबूर किया जा रहा है?

बकाया भुगतान में देरी: किसान नेताओं ने शिकायत की है कि शुगर मिल को गन्ना देने के बावजूद कई किसानों को अभी तक उनका पैसा नहीं मिला है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति बिगड़ रही है।

धान खरीदी की समय-सीमा: जिले के हजारों किसान अभी भी अपनी धान की फसल नहीं बेच पाए हैं। खरीदी की अंतिम तारीख नजदीक आने से किसान चिंतित हैं और मांग कर रहे हैं कि इस अवधि को आगे बढ़ाया जाए ताकि हर किसान का अनाज खरीदा जा सके।

प्रशासनिक हस्तक्षेप के बाद खुला जाम

हाइवे पर बढ़ते तनाव और ट्रैफिक जाम को देखते हुए पुलिस और राजस्व विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारी किसानों के साथ चर्चा की और उन्हें आश्वासन दिया कि उनकी मांगों को राज्य शासन तक पहुंचाया जाएगा। इस भरोसे के बाद किसानों ने सड़क से हटने का फैसला किया और यातायात बहाल हुआ।

“यह तो महज एक शुरुआत है। अगर सरकार ने जल्द ही हमारी वाजिब मांगों पर विचार नहीं किया, तो भारतीय किसान संघ पूरे प्रदेश में और भी उग्र आंदोलन करने के लिए मजबूर होगा।” — डोमन चंद्रवंशी, जिला अध्यक्ष (भारतीय किसान संघ)

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