छत्तीसगढ़

संसद में गूंजी किसानों की हुंकार : सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने केंद्र से मांगा धान खरीद और भंडारण का पूरा ब्यौरा

रायपुर। छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ नेता और सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल ने लोकसभा में अन्नदाताओं के हितों को लेकर पुरजोर तरीके से आवाज उठाई। भारतीय खाद्य निगम (FCI) की राज्य परामर्शदात्री समिति के अध्यक्ष के रूप में उन्होंने देशभर सहित छत्तीसगढ़ के किसानों के लिए फसलों की खरीद, उनके उचित दाम और सुरक्षित भंडारण जैसे गंभीर विषयों पर केंद्र सरकार को घेरा और विस्तृत जवाब मांगा।

खरीद और भंडारण पर तीखे सवाल

सांसद अग्रवाल ने सरकार से पूछा कि किसानों से अनाज खरीदने की प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी बनाने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं? उन्होंने विशेष रूप से अनाज के परिवहन (लॉजिस्टिक्स) को आधुनिक बनाने, रेलवे के बेहतर उपयोग और राज्यों में गोदामों की क्षमता विस्तार पर जोर दिया।

सरकार का जवाब: आंकड़ों की जुबानी

सांसद के सवालों पर उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण राज्य मंत्री श्रीमती निमुबेन जयंतीभाई बांभणिया ने सदन को सूचित किया:

विशाल क्षमता: फरवरी 2026 तक FCI के पास 470.67 लाख टन भंडारण की क्षमता है।

छत्तीसगढ़ को आवंटन: वर्ष 2025-26 के लिए छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत 1153.380 हजार टन चावल आवंटित किया गया है।

छत्तीसगढ़ में धान खरीदी का ‘स्वर्ण युग’
सदन में प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार, पिछले 5 वर्षों में छत्तीसगढ़ में धान खरीदी के बजट में ऐतिहासिक वृद्धि हुई है:

विवरण, वर्ष 2020-21, वर्ष 2024-25, वृद्धि (लगभग)

खरीद मूल्य (करोड़ में),”₹13,419.90″,”₹27,009.44″,102%
मात्रा (LMT में),71.08,116.42,63%

“छत्तीसगढ़ का किसान देश की खाद्य सुरक्षा का आधार है। हमने न केवल खरीद मूल्य को दोगुना किया है, बल्कि तकनीकी सुधारों से यह सुनिश्चित किया है कि उपज का एक-एक दाना सुरक्षित रहे।”
— बृजमोहन अग्रवाल, सांसद

IIT दिल्ली के साथ स्मार्ट लॉजिस्टिक्स की शुरुआत

अनाज की बर्बादी रोकने और उसे तेजी से गंतव्य तक पहुँचाने के लिए सरकार ने IIT दिल्ली (FITT) के साथ एक विशेष समझौता किया है। इसके तहत एक ‘डिजिटल रूट ऑप्टिमाइजेशन टूल’ तैयार किया गया है। फरवरी 2025 से लागू यह तकनीक रेलवे के पोर्टल से जुड़ी है, जिससे छत्तीसगढ़ का अनाज कम लागत और तेज गति से कमी वाले क्षेत्रों तक पहुँच रहा है।

भंडारण का आधुनिकीकरण

छत्तीसगढ़ में वर्तमान में 32.41 LMT भंडारण क्षमता है। इसे और आधुनिक बनाने के लिए सरकार ‘परिसंपत्ति मुद्रीकरण योजना’ (Asset Monetization Scheme) पर काम कर रही है। इसके तहत दुर्ग और अर्जुन जैसे प्रमुख केंद्रों के बुनियादी ढांचे को अपग्रेड किया जा रहा है।

सांसद बृजमोहन अग्रवाल की इस सक्रियता ने यह स्पष्ट कर दिया है कि केंद्र सरकार के एजेंडे में किसान और सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) सर्वोच्च प्राथमिकता पर हैं। उनके प्रयासों से यह सुनिश्चित हुआ है कि छत्तीसगढ़ के किसानों की मेहनत को न केवल सही दाम मिले, बल्कि गरीबों तक राशन की पहुँच भी सुगम बनी रहे।

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