शासकीय महाविद्यालय के हीरक जयंती समारोह में शामिल हुए वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी

जांजगीर-चांपा। छत्तीसगढ़ के वित्त एवं वाणिज्यिक कर मंत्री तथा जांजगीर-चांपा जिले के प्रभारी मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने खरौद स्थित शासकीय लक्ष्मणेश्वर स्नातकोत्तर महाविद्यालय के हीरक जयंती (Diamond Jubilee) कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। इस गौरवशाली अवसर पर उन्होंने शिक्षा के महत्व को रेखांकित करते हुए इसे राष्ट्र की उन्नति का मुख्य आधार बताया।
भारत की समृद्ध विरासत और आधुनिक शिक्षा पर जोर
समारोह के दौरान श्री चौधरी ने भारत के गौरवशाली इतिहास का स्मरण कराया। उनके संबोधन के मुख्य बिंदु निम्नलिखित रहे:
ऐतिहासिक गौरव: उन्होंने कहा कि प्रथम शताब्दी से लेकर 17वीं शताब्दी तक भारत दुनिया की सबसे बड़ी आर्थिक और बौद्धिक शक्ति बना रहा। नालंदा और तक्षशिला जैसे प्राचीन विश्वविद्यालय तथा ‘शून्य’ का आविष्कार इस बात का प्रमाण हैं।
नवाचार की आवश्यकता: वर्तमान दौर को तकनीक का युग बताते हुए उन्होंने शिक्षा को आधुनिक और रोजगारपरक बनाने पर जोर दिया।
विकसित भारत का संकल्प: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश के विकास के लिए शिक्षा को ही सबसे मजबूत नींव बताया गया।
साहित्यिक विमोचन: इस अवसर पर वित्त मंत्री ने महाविद्यालय की विशेष स्मारिका ‘दर्पणग्रंथ’ का विमोचन भी किया।
सरस्वती शिशु मंदिर में बुनियादी ढांचे का विस्तार
महाविद्यालय के कार्यक्रम के अतिरिक्त, वित्त मंत्री ने सरस्वती शिशु मंदिर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, खरौद में 8 लाख रुपये की लागत से बनने वाले अतिरिक्त कमरों (Additional Rooms) का भूमिपूजन किया।
छात्रों को प्रेरित करते हुए उन्होंने कुछ महत्वपूर्ण बातें साझा कीं:
तकनीकी ज्ञान: विद्यार्थियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और नई तकनीकों के साथ कदम से कदम मिलाकर चलने की सलाह दी।
दृढ़ संकल्प: उन्होंने संदेश दिया कि कठिन परिस्थितियों में भी आत्मविश्वास और निरंतर मेहनत से किसी भी लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है।
कार्यक्रम में गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति
इस भव्य आयोजन में छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम के अध्यक्ष श्री सौरभ सिंह, पूर्व संसदीय सचिव श्री अम्बेश जांगड़े सहित कलेक्टर श्री जन्मेजय महोबे और पुलिस अधीक्षक श्री विजय कुमार पांडेय भी उपस्थित थे। कार्यक्रम में भारी संख्या में छात्र-छात्राएं, स्थानीय जनप्रतिनिधि और शिक्षाविद शामिल हुए।
















