साइबर ठगी के खिलाफ सरकार की बड़ी कार्रवाई : 86 लाख सिम कार्ड बंद, बचाए गए ₹1000 करोड़

न्युज डेस्क (एजेंसी)। ऑनलाइन धोखाधड़ी पर लगाम लगाने के लिए केंद्र सरकार ने अब तक का सबसे बड़ा कदम उठाया है। दूरसंचार विभाग (DoT) द्वारा जारी ताज़ा आंकड़ों के अनुसार, पिछले छह महीनों में सख्त डिजिटल निगरानी के जरिए आम जनता के लगभग 1000 करोड़ रुपये ठगे जाने से बचा लिए गए हैं। इस मुहिम के तहत विभाग ने संदिग्ध गतिविधियों में शामिल 86 लाख से अधिक सिम कार्ड्स को स्थायी रूप से ब्लॉक कर दिया है।
भारत की डिजिटल प्रगति के मुख्य बिंदु
सरकार ने न केवल सुरक्षा पर ध्यान दिया है, बल्कि भारत के तेजी से बढ़ते डिजिटल बुनियादी ढांचे की सफलता को भी साझा किया है:
सस्ता डेटा: भारत में मोबाइल डेटा की दरें वैश्विक स्तर पर सबसे कम हैं, जो औसतन मात्र 8.27 रुपये प्रति जीबी तक आ गई हैं।
5G का विस्तार: 2022 में शुरुआत के बाद से, भारत में 5G इस्तेमाल करने वालों की संख्या 40 करोड़ के आंकड़े को पार कर गई है।
विशाल उपभोक्ता आधार: वर्तमान में देश में 123 करोड़ से अधिक टेलीकॉम उपभोक्ता हैं, जिससे भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा दूरसंचार बाजार बन गया है।
फ्रॉड रोकने के लिए उठाए गए कड़े कदम
दूरसंचार विभाग ने तकनीकी सुरक्षा को मजबूत करते हुए अंतरराष्ट्रीय नंबरों से आने वाली ‘स्पूफ कॉल्स’ (फर्जी कॉल) में 99% तक की कमी लाने में सफलता हासिल की है। सरकार की ओर से जारी बयान में बताया गया कि:
संचार साथी पोर्टल: इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से संदिग्ध नंबरों और फ्रॉड की रियल-टाइम रिपोर्टिंग की जा रही है।
कठोर निगरानी: डिजिटल स्ट्राइक के तहत उन नेटवर्क को ध्वस्त किया जा रहा है जो साइबर अपराधियों को फर्जी पहचान पर सिम कार्ड उपलब्ध कराते थे।
भारत अब डेटा खपत और डिजिटल कनेक्टिविटी के मामले में अमेरिका और जापान जैसे विकसित देशों को कड़ी टक्कर दे रहा है। सरकार का लक्ष्य भविष्य में डिजिटल लेन-देन को और अधिक सुरक्षित और सुलभ बनाना है।














