छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य क्रांति : कुलपति सम्मेलन 2026 से निकलेगा नवाचार का मार्ग : मुख्यमंत्री साय

नवा रायपुर। नवा रायपुर स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय स्वास्थ्य विज्ञान एवं आयुष विश्वविद्यालय में आयोजित ‘ऑल इंडिया हेल्थ साइंसेज वाइस चांसलर मीट-2026’ प्रदेश के चिकित्सा इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ने जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस गरिमामयी कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए देश भर से आए विशेषज्ञों और शिक्षाविदों का स्वागत किया।

स्वस्थ नागरिक, सुदृढ़ छत्तीसगढ़ का आधार

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि एक विकसित राज्य की कल्पना तभी साकार हो सकती है जब उसके नागरिक पूर्णतः स्वस्थ हों। उन्होंने कहा कि यह सम्मेलन केवल एक बैठक नहीं, बल्कि चिकित्सा क्षेत्र में होने वाले तकनीकी बदलावों और नए विचारों के आदान-प्रदान का एक वैश्विक मंच है। मुख्यमंत्री के अनुसार, यहाँ होने वाले मंथन से जो नीतियां बनेंगी, वे सीधे तौर पर राज्य के अंतिम व्यक्ति तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पहुँचाने में मदद करेंगी।

स्वास्थ्य ढांचे का अभूतपूर्व विस्तार

राज्य सरकार के पिछले दो वर्षों के प्रयासों को रेखांकित करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि:

प्रदेश में 5 नए मेडिकल कॉलेजों और 14 नर्सिंग कॉलेजों पर काम चल रहा है।

राजधानी क्षेत्र में एक विशाल ‘मेडिसिटी हब’ का निर्माण प्रस्तावित है, जिसमें 5,000 बिस्तरों वाला सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल प्रदेशवासियों को विश्वस्तरीय इलाज प्रदान करेगा।

आयुर्वेद की महत्ता को देखते हुए राज्य में आयुष सुविधाओं का भी विस्तार किया जा रहा है।

आयुष्मान भारत और ‘आरोग्य मंदिर’ का प्रभाव

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन की सराहना करते हुए श्री साय ने कहा कि आयुष्मान भारत योजना ने गरीब परिवारों को गंभीर बीमारियों के समय कर्ज के जाल से बचाया है। इसके साथ ही, जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों (जैसे कैंसर और मधुमेह) से लड़ने के लिए ‘आरोग्य मंदिर’ जैसी पहल ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता की नई लहर ला रही हैं।

परंपरा और तकनीक का संगम

मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ की जैव-विविधता और जड़ी-बूटियों का उल्लेख करते हुए पद्मश्री श्री हेमचंद मांझी का उदाहरण दिया, जिनके पारंपरिक ज्ञान का लोहा दुनिया मानती है। उन्होंने कहा कि भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा (नालंदा-तक्षशिला) और आधुनिक तकनीक का मेल ही भारत को पुनः ‘विश्व गुरु’ बनाएगा।

प्रमुख घोषणाएं और संबोधन

स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल: उन्होंने बताया कि राज्य में चिकित्सा शिक्षा अब हिंदी माध्यम में भी उपलब्ध कराई जा रही है, ताकि भाषा की बाधा दूर हो सके। साथ ही, 13 अप्रैल से सुकमा में ‘मुख्यमंत्री बस्तर स्वास्थ्य योजना’ के तहत 36 लाख लोगों की स्क्रीनिंग का विशाल अभियान शुरू होगा।

सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल: उन्होंने ग्रामीण अंचलों तक बेहतर चिकित्सा पहुँच पर जोर दिया और विश्वास जताया कि इस सम्मेलन के निष्कर्षों से केंद्रीय आयुष मंत्रालय को भी नई दिशा मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने डॉक्टरों को ‘धरती का भगवान’ बताते हुए उनसे संवेदनशीलता और सेवा भाव के साथ काम करने की अपील की। यह सम्मेलन न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे देश के स्वास्थ्य परिदृश्य में सुधार के लिए एक मील का पत्थर साबित होगा।

उपस्थिति: कार्यक्रम में विधायक श्री इंद्र कुमार साहू, श्री पुरन्दर मिश्रा, डॉ. राजीव सूद और कुलपति डॉ. प्रदीप कुमार पात्रा सहित स्वास्थ्य जगत की कई जानी-मानी हस्तियां मौजूद रहीं।

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