हृदय रोग और दिल का दौरा : लक्षण और बचाव

नई दिल्ली (एजेंसी)। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के आँकड़ों के अनुसार, हर साल विश्वभर में लगभग 1.79 करोड़ लोग हृदय रोगों के कारण अपनी जान गंवाते हैं। यह जानना महत्वपूर्ण है कि दिल का दौरा (हार्ट अटैक) पड़ने से पहले शरीर कुछ संकेत देता है। इन लक्षणों को समय पर पहचान कर किसी व्यक्ति की जान बचाई जा सकती है। हालाँकि, ‘साइलेंट हार्ट अटैक’ भी होते हैं, जो बिना किसी स्पष्ट लक्षण के आते हैं और अत्यंत खतरनाक साबित हो सकते हैं।
हृदय की कार्यप्रणाली और दिल का दौरा
हृदय एक माँसपेशीय पंप है जिसका आकार मुट्ठी से थोड़ा बड़ा होता है। यह हमारे शरीर की संचार प्रणाली के माध्यम से रक्त को पंप करता है। रक्त ही हृदय से ऑक्सीजन को शरीर की प्रत्येक कोशिका तक सही समय पर पहुँचाने का कार्य करता है। हृदय ऑक्सीजन युक्त रक्त को फेफड़ों से लेता है और फिर शरीर के बाकी हिस्सों में पंप करता है।
हार्ट फाउंडेशन के अनुसार, जब हृदय में कोई समस्या आती है, तो रक्त प्रवाह प्रभावित होता है, जिससे हृदय की माँसपेशियाँ क्षतिग्रस्त होने लगती हैं। यदि यह रुकावट लंबे समय तक बनी रहती है, तो यह धीरे-धीरे घातक हो सकती है। अगर रक्त प्रवाह को समय पर बहाल न किया जाए या तुरंत उपचार न मिले, तो जान जाने का जोखिम बढ़ जाता है और रोगी की मौत दिल के दौरे से हो सकती है।
दिल के दौरे से पहले के प्रमुख लक्षण
दिल का दौरा पड़ने से कुछ मिनटों या घंटों पहले निम्नलिखित लक्षण दिखाई दे सकते हैं, जिन पर तुरंत ध्यान देना आवश्यक है:
- साँस लेने में तकलीफ
यदि आपको साँस लेने में कोई बदलाव महसूस होता है या साँस फूलने लगती है, तो यह दिल के दौरे का एक लक्षण हो सकता है। जब हृदय ठीक से काम नहीं कर पाता, तो फेफड़ों तक पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं पहुँच पाती, जिससे साँस लेने में कठिनाई होने लगती है। यदि आप ऐसे लक्षण अनुभव करते हैं, तो बिना देरी किए डॉक्टर से संपर्क करें और आवश्यक जाँच कराएँ।
- सीने में असहजता या दर्द
सीने में असहज दबाव, दर्द, सुन्नपन, जकड़न (निचोड़न), भारीपन (परिपूर्णता) या किसी भी प्रकार का दर्द महसूस होने पर इसे अनदेखा न करें। यदि यह बेचैनी आपकी बाँहों, गर्दन, जबड़े या पीठ तक फैल रही है, तो तुरंत सचेत हो जाएँ और जितनी जल्दी हो सके अस्पताल पहुँचें। यह हार्ट अटैक आने के शुरुआती संकेत हो सकते हैं।
- अत्यधिक थकान महसूस होना
बिना किसी कड़ी मेहनत या काम के भी लगातार थकान महसूस होना दिल के दौरे का एक पूर्व अलार्म हो सकता है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि जब हृदय की धमनियों में कोलेस्ट्रॉल के कारण रुकावट या संकुचन आ जाता है, तो दिल को रक्त पंप करने के लिए अधिक मेहनत करनी पड़ती है। इस वजह से जल्दी थकान होने लगती है। यदि अच्छी नींद के बाद भी आलस और थकान बनी रहती है, तो इसे गंभीरता से लें।
- चक्कर आना या मितली (उल्टी) का अनुभव
दिन में कई बार चक्कर आना, उल्टी जैसा महसूस होना (मितली) और असहजता भी दिल के दौरे के लक्षण हो सकते हैं। जब हृदय कमजोर होता है, तो रक्त संचार सीमित हो जाता है। ऐसे में मस्तिष्क तक आवश्यकतानुसार ऑक्सीजन नहीं पहुँच पाती। इसके परिणामस्वरूप, चक्कर आना या सिर भारी होना जैसी समस्याएँ शुरू हो जाती हैं।
महत्वपूर्ण सूचना: ऊपर दी गई जानकारी और सुझाव सामान्य जागरूकता के लिए हैं। इन्हें किसी पेशेवर डॉक्टर की सलाह का विकल्प न समझें। किसी भी स्वास्थ्य समस्या या बीमारी के लिए हमेशा डॉक्टर से परामर्श लें।
















