छत्तीसगढ़ के अन्नदाताओं की होली हुई गुलाबी : अंतर राशि के भुगतान से किसानों के चेहरे खिले

रायपुर। इस वर्ष होली का पर्व छत्तीसगढ़ के किसानों के लिए दोहरी खुशियाँ लेकर आया है। राज्य सरकार ने धान के समर्थन मूल्य और तय की गई ₹3100 की राशि के बीच के अंतर का भुगतान त्योहार से ठीक पहले एकमुश्त कर दिया है। सरकार के इस कदम से न केवल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति मिली है, बल्कि किसानों का मनोबल भी बढ़ा है।
प्रमुख लाभार्थियों के अनुभव
आर्थिक सहायता सीधे बैंक खातों में पहुँचने से किसानों के बीच उत्साह का माहौल है। यहाँ कुछ किसानों की प्रतिक्रियाएँ दी गई हैं:
अड़मा राम पोयाम (ग्राम कतावंड): इन्होंने इस सीजन में 150 क्विंटल धान की बिक्री की थी। समर्थन मूल्य की राशि पहले ही मिल चुकी थी, लेकिन अब होली से पूर्व लगभग ₹1.09 लाख की अंतर राशि मिलने से वे गदगद हैं। उनका कहना है कि इस पैसे से वे परिवार के साथ त्योहार और स्थानीय मेलों का भरपूर आनंद ले सकेंगे।
ग्रीकचंद्र पटेल (ग्राम कुम्हारपारा): 14 एकड़ में आधुनिक तकनीक से खेती करने वाले श्री पटेल ने 180 क्विंटल धान बेचा था। उनके अनुसार, “त्योहार के समय मिली यह राशि घर की जरूरतों को पूरा करने के साथ-साथ अगली फसल की तैयारी के लिए खाद-बीज खरीदने में भी सहायक होगी।”
गणेश प्रसाद देवांगन (ग्राम कुम्हारपारा): 10 एकड़ भूमि के स्वामी श्री देवांगन ने 162 क्विंटल धान बेचा। उन्होंने बताया कि होली के तुरंत बाद खेती का नया चक्र शुरू हो जाता है, ऐसे में यह समय पर मिली आर्थिक मदद उनके भविष्य के कृषि कार्यों के लिए एक बड़ा सहारा है।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगा बल
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में लिए गए इस निर्णय की किसान समुदाय सराहना कर रहा है। किसानों का मानना है कि यह केवल एक वित्तीय भुगतान नहीं है, बल्कि उनकी मेहनत का सम्मान है। त्योहार के ऐन वक्त पर हाथ में नकदी होने से ग्रामीण बाजारों में भी रौनक बढ़ेगी, जो अंततः राज्य की प्रगति में योगदान देगी।















