भारत में वायु प्रदूषण का नया संकट : दुनिया के सबसे प्रदूषित शहर यहीं

नई दिल्ली (एजेंसी)। वायु प्रदूषण के मामले में भारत एक बार फिर दुनिया के सबसे प्रदूषित देशों की सूची में शामिल हो गया है। हालिया रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया के 10 सबसे प्रदूषित शहरों में से सभी भारत के हैं, जबकि देश की राजधानी दिल्ली (Delhi) इस सूची में 13वें स्थान पर है।
रिपोर्ट में उजागर हुआ है कि उत्तर भारत के छोटे और बड़े शहरों में हवा का स्तर ‘गंभीर’ और ‘खतरनाक’ श्रेणी में पहुँच गया है। इस सूची में राजस्थान (Rajasthan) का श्रीगंगानगर शहर सबसे ऊपर है, जहाँ वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 830 तक दर्ज किया गया।
हरियाणा के 6 शहर शीर्ष 10 में शामिल
इस शीर्ष 10 सूची में हरियाणा के छह शहर शामिल हैं, जो राज्य में गंभीर वायु प्रदूषण की स्थिति को दर्शाते हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि 30 अक्टूबर को सुबह 8:30 बजे दर्ज किए गए AQI के अनुसार, दुनिया के 40 सबसे प्रदूषित शहरों की सूची में सभी स्थान भारतीय शहरों ने ही हासिल किए।
आमतौर पर दिल्ली को देश का सबसे प्रदूषित शहर माना जाता है, लेकिन इस बार वह 13वें स्थान पर रहा। यह ‘राहत’ केवल तुलनात्मक है, क्योंकि दिल्ली की हवा भी ‘बेहद खराब’ श्रेणी में है। रविवार सुबह यहाँ औसत AQI 386 दर्ज किया गया।
कृषि अपशिष्ट (पराली) जलाना, वाहनों का उत्सर्जन, निर्माण कार्य और औद्योगिक प्रदूषण इस भयावह स्थिति के मुख्य कारण हैं।
PM कण निर्धारित सीमा से कई गुना अधिक
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, दिल्ली-एनसीआर (Delhi-NCR) में कई जगहों पर PM 2.5 और PM 10 कणों का स्तर मानक से कई गुना अधिक पाया गया है। ये अति सूक्ष्म धूल कण फेफड़ों में गहराई तक प्रवेश करके श्वसन संबंधी बीमारियों और हृदय रोगों का खतरा बढ़ाते हैं।
दिल्ली-एनसीआर समेत पूरे उत्तर भारत में, सर्दियों के मौसम में प्रदूषण का संकट काफी बढ़ जाता है। धूल, धुआँ और पराली जलाने से उत्पन्न होने वाला स्मॉग (धुंध और धुआँ) वातावरण में जमा हो जाता है, जिससे हवा की गुणवत्ता और भी बिगड़ जाती है।
















