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भारतीय शेयर बाजार में जबरदस्त उछाल : सेंसेक्स और निफ्टी में बड़ी बढ़त के साथ लौटी हरियाली

नई दिल्ली (एजेंसी)। आज, 24 मार्च 2026 को भारतीय शेयर बाजार में निवेशकों के चेहरे पर मुस्कान लौट आई है। मंगलवार की सुबह बाजार खुलते ही खरीदारी का दौर शुरू हुआ, जिससे प्रमुख सूचकांकों में जोरदार तेजी दर्ज की गई।

बाजार का ताजा हाल

शुरुआती कारोबार के दौरान सेंसेक्स (Sensex) में करीब 1,078 अंकों की उछाल देखी गई, जिसके बाद यह 73,774 के स्तर पर पहुंच गया। इसी तरह, निफ्टी-50 (Nifty) भी पीछे नहीं रहा और 326 अंकों की बढ़त के साथ 22,839 के पार निकल गया।

विशेषज्ञों की पैनी नजर और बाजार की चुनौतियां

बाजार में आई इस रिकवरी के बावजूद विशेषज्ञ अभी भी सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं। बाजार विश्लेषक अजय बग्गा के अनुसार, वैश्विक परिस्थितियां अब भी अनिश्चित बनी हुई हैं। उनका मानना है कि सोशल मीडिया पर चल रही खबरों और उनके खंडन के कारण बाजार में काफी उतार-चढ़ाव (volatility) देखने को मिल रहा है।

बाजार को प्रभावित करने वाले मुख्य कारक:

वैश्विक संकेत: एशियाई बाजारों में शुरुआती तेजी के बाद सुस्ती दिखी।

मुद्रा और कमोडिटी: अमेरिकी डॉलर में मजबूती बनी हुई है, जबकि कच्चे तेल की कीमतों में हल्का उछाल है।

सोना-चांदी: पिछले करीब 25 दिनों से कीमती धातुओं की कीमतों में गिरावट का सिलसिला जारी है।

भू-राजनीतिक तनाव: ईरान और अमेरिका के बीच चल रही तनातनी और होर्मुज जलडमरूमध्य की स्थिति निवेशकों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है।

अंतरराष्ट्रीय बाजारों का रुख

भारतीय बाजार को वैश्विक तेजी का भी सहारा मिला है। सोमवार को अमेरिकी बाजारों (डाउ जोन्स, एसएंडपी 500 और नैस्डैक) में 1% से अधिक की बढ़त देखी गई थी।

एशियाई बाजारों की स्थिति:

इंडेक्स | देश | बढ़त (%)
निक्केई 225 | जापान | 0.75%
हैंग सेंग | हांगकांग | 1.75%
कोस्पी | दक्षिण कोरिया | 2.00% +
स्ट्रेट्स टाइम्स | सिंगापुर | 0.13%

कमोडिटी अपडेट: कच्चा तेल और सोना

कच्चे तेल के बाजार में ब्रेंट क्रूड फिलहाल 104 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बना हुआ है। वहीं, घरेलू सर्राफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में नरमी जारी है:

24 कैरेट सोना: ₹1,37,370 प्रति 10 ग्राम (लगभग)।

चांदी: 3% से ज्यादा की गिरावट के साथ ₹2,17,823 प्रति किलोग्राम।

निष्कर्ष: हालांकि आज बाजार में रौनक दिख रही है, लेकिन भू-राजनीतिक तनाव और वैश्विक आर्थिक संकेतकों को देखते हुए निवेशकों को सतर्क रहकर ही निवेश करना चाहिए।

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