छत्तीसगढ़ विधानसभा : जल जीवन मिशन के अधूरे कार्यों और भुगतान पर सदन में तीखी बहस

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के शीतकालीन सत्र के तीसरे दिन सदन में ‘जल जीवन मिशन’ की प्रगति और उसमें कथित अनियमितताओं को लेकर गहमागहमी रही। सत्तापक्ष के ही विधायक धरमलाल कौशिक ने अपनी सरकार के मंत्री को घेरते हुए विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए।
अधूरे लक्ष्यों पर विधायक कौशिक की चिंता
सदन में चर्चा के दौरान भाजपा विधायक धरमलाल कौशिक ने आंकड़ों के साथ जल जीवन मिशन की स्थिति साझा की। उन्होंने बताया कि:
कुल 211 कार्य लक्षित किए गए थे।
इनमें से केवल 91 कार्य ही पूर्ण हो पाए हैं।
शेष 119 कार्य अब भी लंबित हैं, जिनकी पूर्णता की समय-सीमा को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है।
भुगतान प्रक्रिया और भ्रष्टाचार के आरोप
विधायक कौशिक ने मिशन के क्रियान्वयन में भ्रष्टाचार की आशंका जताते हुए आरोप लगाया कि कई मामलों में काम पूरा होने से पहले ही भुगतान कर दिया गया है। उन्होंने भुगतान की पारदर्शिता पर सवाल उठाते हुए सरकार से जवाब माँगा।
डिप्टी सीएम अरुण साव का स्पष्टीकरण
सवालों का जवाब देते हुए उप-मुख्यमंत्री अरुण साव ने आरोपों को खारिज किया। उन्होंने भुगतान की प्रक्रिया समझाते हुए कहा कि:
ठेकेदार द्वारा काम किए जाने के बाद इंजीनियर और SDO (अनुविभागीय अधिकारी) भौतिक सत्यापन करते हैं।
जांच रिपोर्ट के आधार पर ही कार्यालय से राशि जारी की जाती है।
वर्तमान व्यवस्था के अनुसार, कार्य के अनुपात में केवल 70 प्रतिशत राशि का ही भुगतान किया जाता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अतिरिक्त भुगतान का कोई प्रावधान नहीं है।
अजय चंद्राकर ने भी साधा निशाना
इसी दौरान पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर ने चर्चा में हस्तक्षेप करते हुए कहा कि यह समस्या केवल एक जिले तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे प्रदेश की है। उन्होंने मंत्री से मांग की कि वे पूरे छत्तीसगढ़ में चल रहे इन कार्यों के पूर्ण होने की एक निश्चित समय-सीमा सदन को बताएं।
















