छत्तीसगढ़

साहिबजादों का बलिदान राष्ट्र के लिए प्रेरणापुंज : मुख्यमंत्री साय

रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने ‘वीर बाल दिवस’ के अवसर पर सिख गुरुओं और उनके साहिबजादों के अदम्य साहस को नमन करते हुए कहा कि देश की अखंडता और धर्म की रक्षा के लिए सिख समाज द्वारा दिया गया योगदान इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में अंकित है। वे आज अपने निवास कार्यालय में छत्तीसगढ़ सिविल सोसाइटी द्वारा आयोजित ‘वीरता सम्मान समारोह’ को संबोधित कर रहे थे।

चार जांबाज बच्चों का हुआ सम्मान

समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रदेश के उन नन्हे नायकों को सम्मानित किया, जिन्होंने अपनी सूझबूझ और साहस से दूसरों की जान बचाई। सम्मानित होने वाले बालकों में शामिल हैं:

श्री प्रेमचन्द साहू: साहिबजादा फतेह सिंह वीरता पुरस्कार

कु. अंशिका साहू: साहिबजादा जोरावर सिंह वीरता पुरस्कार

कु. कांति सिंह: साहिबजादा जुझार सिंह वीरता पुरस्कार

श्री ओम उपाध्याय: साहिबजादा अजीत सिंह वीरता पुरस्कार

आस्था और स्वाभिमान का प्रतीक है वीर बाल दिवस

मुख्यमंत्री ने साहिबजादों की शहादत को याद करते हुए कहा कि गुरु गोबिंद सिंह जी के पुत्रों ने छोटी सी आयु में जिस वीरता का परिचय दिया, वह पूरी दुनिया के लिए मिसाल है। उन्होंने कहा, “साहिबजादों ने किसी भी दबाव में आए बिना अपनी आस्था को सर्वोपरि रखा और सर्वोच्च बलिदान दिया। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने वर्ष 2022 में इस दिवस को राष्ट्रीय स्तर पर मनाने की जो पहल की है, उससे हमारी नई पीढ़ी अपने गौरवशाली इतिहास और शौर्य गाथाओं से परिचित हो रही है।”

अतिथियों का संबोधन: दुर्ग सांसद श्री विजय बघेल और राजनांदगांव सांसद श्री संतोष पांडेय ने भी बच्चों के साहस की सराहना की।

आयोजन का उद्देश्य: कार्यक्रम के संयोजक डॉ. कुलदीप सिंह सोलंकी ने बताया कि इस आयोजन का मुख्य लक्ष्य बच्चों में वीरता और नैतिक मूल्यों को बढ़ावा देना है।

गणमान्य उपस्थिति: इस अवसर पर क्रेडा अध्यक्ष श्री भूपेंद्र सवन्नी, युवा आयोग अध्यक्ष श्री विश्वविजय सिंह तोमर, वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. संजीव दवे सहित शिक्षा और समाज सेवा जगत की प्रमुख हस्तियां मौजूद रहीं।

मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ सिविल सोसाइटी के प्रयासों की प्रशंसा करते हुए सभी पुरस्कृत बच्चों के उज्जवल भविष्य की कामना की।

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