छत्तीसगढ़

पेट्रोल पंप पर मोटरसाइकिल में लगी आग: कर्मचारियों की सूझबूझ से टला बड़ा हादसा

खैरागढ़। बुधवार को खैरागढ़ जिले के साल्हेवारा स्थित एक पेट्रोल पंप पर उस समय अफरा-तफरी मच गई जब एक मोटरसाइकिल में अचानक आग लग गई। यह घटना तब हुई जब एक युवक अपनी बाइक में पेट्रोल भरवाने के बाद उसे स्टार्ट कर रहा था।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जैसे ही युवक ने बाइक स्टार्ट करने की कोशिश की, प्लग वायर से निकली एक चिंगारी ने पेट्रोल की वाष्प (गैस) को पकड़ लिया। पल भर में बाइक आग की तेज लपटों में घिर गई। स्थिति अत्यंत गंभीर हो गई थी, क्योंकि यह हादसा पंप परिसर के बीचों-बीच हुआ, जहाँ आस-पास कई अन्य वाहन भी खड़े थे।

बाइक चालक ने तुरंत छलांग लगाकर अपनी जान बचाई और सुरक्षित दूरी पर खड़ा हो गया। यह देखते ही, पेट्रोल पंप कर्मचारियों ने बिना देर किए त्वरित और साहसी कार्रवाई शुरू कर दी। उन्होंने सबसे पहले मुख्य सप्लाई लाइन को बंद किया, सभी डिस्पेंसर मशीनों को ऑफ़ किया, और तुरंत अग्निशमन यंत्र (फायर एक्सटिंग्विशर) लेकर आग बुझाने में जुट गए।

कर्मचारियों की इस तत्परता और सूझबूझ के कारण कुछ ही मिनटों में आग पर पूरी तरह से काबू पा लिया गया। इस त्वरित प्रतिक्रिया से न केवल पंप के भूमिगत टैंक और मशीनों को नुकसान पहुँचा, बल्कि आस-पास खड़े अन्य वाहनों और लोगों पर भी कोई आंच नहीं आई। स्थानीय लोगों ने पंप कर्मचारियों की बहादुरी और अनुशासन की जमकर सराहना की।

सुरक्षा नियमों का महत्व

यह घटना एक बार फिर पेट्रोल पंपों पर सुरक्षा नियमों के महत्व को उजागर करती है। यह बताती है कि एक छोटी सी चिंगारी भी कितनी बड़ी आपदा का कारण बन सकती है। इस तरह के हादसों से बचने के लिए निम्न बातों का पालन करना अनिवार्य है:

इंजन बंद रखें: पेट्रोल भरवाते समय वाहन का इंजन पूरी तरह से बंद होना चाहिए।

नो स्मोकिंग: पंप परिसर में धूम्रपान (सिगरेट/बीड़ी) या किसी भी प्रकार की खुली आग का उपयोग पूरी तरह से वर्जित है।

मोबाइल बंद: पेट्रोल भरवाते समय मोबाइल फोन का इस्तेमाल या चालू रखना खतरनाक हो सकता है।

वाष्प खत्म होने का इंतज़ार: ग्राहकों को पेट्रोल भरने के तुरंत बाद इंजन स्टार्ट करने के बजाय, कुछ सेकंड रुकना चाहिए ताकि पेट्रोल की वाष्प पूरी तरह से उड़ जाए।

पंप प्रबंधन के लिए यह आवश्यक है कि वे नियमित रूप से अग्निशमन यंत्रों की जांच करें और अपने कर्मचारियों को आग-नियंत्रण प्रशिक्षण देते रहें। साल्हेवारा की इस घटना ने एक महत्वपूर्ण सबक दिया है: सुरक्षा नियमों का पालन केवल कर्मचारियों की नहीं, बल्कि प्रत्येक ग्राहक और वाहन चालक की ज़िम्मेदारी है। समय पर किया गया प्रशिक्षण और अनुशासन ही किसी भी बड़े जान-माल के नुकसान को टालने का सबसे बड़ा हथियार है।

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