अंबिकापुर में पीलिया का जानलेवा हमला : आठवीं के छात्र ने तोड़ा दम, संक्रमितों का आंकड़ा 50 के पार

अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर शहर में पीलिया (जॉन्डिस) ने विकराल रूप धारण कर लिया है। दूषित पानी की वजह से फैल रही इस बीमारी ने अब एक मासूम की जान ले ली है। शहर के कार्मेल स्कूल में पढ़ने वाले आठवीं कक्षा के छात्र दिव्यांश राय की उपचार के दौरान मृत्यु हो गई। इस दुखद घटना के बाद से पूरे क्षेत्र में हड़कंप मचा हुआ है।
इलाज के दौरान छात्र की मौत
मूल रूप से उत्तर प्रदेश के गोरखपुर निवासी दिव्यांश राय, अंबिकापुर के नमनाकला इलाके में रहता था। 19 फरवरी को तबीयत बिगड़ने पर उसे मिशन अस्पताल ले जाया गया, जहाँ पीलिया की पुष्टि हुई। स्थिति बिगड़ने पर उसे निजी अस्पतालों में स्थानांतरित किया गया, लेकिन दुर्भाग्यवश उसकी जान नहीं बचाई जा सकी। दिव्यांश का अंतिम संस्कार उसके पैतृक निवास गोरखपुर में किया जाएगा।
शहर में बढ़ता संक्रमण और प्रशासनिक हलचल
अंबिकापुर में पीलिया के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है और अब तक 50 से अधिक पुष्ट मामले सामने आ चुके हैं। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि नगर निगम द्वारा की जा रही पेयजल आपूर्ति दूषित है, जो इस बीमारी का मुख्य कारण बनी।
निगम की कार्रवाई: नगर निगम कमिश्नर डी.एन. कश्यप के अनुसार, जल आपूर्ति की जांच के लिए सैंपल रायपुर और सूरजपुर की लैब में भेजे गए हैं। प्रभावित इलाकों में पाइपलाइन मरम्मत का कार्य शुरू कर दिया गया है।
स्वास्थ्य विभाग का कदम: मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) पी.एस. मार्को ने बताया कि प्रभावित क्षेत्रों में विशेष मेडिकल कैंप लगाए जा रहे हैं ताकि समय रहते अन्य मरीजों की पहचान और इलाज किया जा सके।
महापौर का बयान और साजिश की आशंका
इस गंभीर स्थिति के बीच अंबिकापुर की महापौर मंजूषा भगत ने एक विवादास्पद बयान दिया है। उन्होंने बीमारी के इस अचानक फैलाव के पीछे किसी बड़ी “साजिश” की आशंका जताई है, जिसे लेकर शहर में चर्चाओं का बाजार गर्म है। फिलहाल, प्रशासन का प्राथमिक लक्ष्य संक्रमण की कड़ी को तोड़ना और लोगों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना है।
















