हेल्थ

किडनी की सेहत : इन 6 शारीरिक संकेतों को पहचानना है बेहद जरूरी

हेल्थ न्युज (एजेंसी)। हमारे शरीर को भीतर से साफ रखने का जिम्मा मुख्य रूप से किडनी (वृक्क) पर होता है। यह न केवल रक्त को फिल्टर करती है, बल्कि हानिकारक टॉक्सिन्स को बाहर निकालकर शरीर का संतुलन भी बनाए रखती है। अक्सर किडनी की बीमारी के लक्षण शुरुआती दौर में काफी सामान्य लगते हैं, जिन्हें हम नजरअंदाज कर देते हैं।

यदि आप अपने शरीर में नीचे दिए गए बदलाव महसूस कर रहे हैं, तो यह किडनी में गड़बड़ी का संकेत हो सकते हैं:

  1. लगातार थकान और एकाग्रता में कमी

जब किडनी रक्त को ठीक से साफ नहीं कर पाती, तो शरीर में विषाक्त पदार्थ (Toxins) जमा होने लगते हैं। इसकी वजह से आप हर समय थका हुआ महसूस कर सकते हैं। इसके अलावा, खून में अशुद्धियां बढ़ने से किसी भी काम पर ध्यान केंद्रित करना (Concentration) मुश्किल हो जाता है।

  1. त्वचा में रूखापन और खुजली

किडनी का काम केवल गंदगी निकालना ही नहीं, बल्कि शरीर में मिनरल्स और पोषक तत्वों का सही स्तर बनाए रखना भी है। जब किडनी का संतुलन बिगड़ता है, तो इसका असर त्वचा पर दिखने लगता है। बिना किसी कारण के स्किन का बहुत ज्यादा ड्राई होना और लगातार खुजली होना किडनी की बीमारी का एक कम चर्चित लक्षण है।

  1. यूरिन के रंग और बनावट में बदलाव

खून आना: स्वस्थ किडनी फिल्टर करते समय रक्त कोशिकाओं को शरीर के अंदर ही रखती है। लेकिन अगर किडनी के फिल्टर क्षतिग्रस्त हो जाएं, तो ये कोशिकाएं मूत्र के रास्ते बाहर निकलने लगती हैं।

अधिक झाग बनना: यदि यूरिन में असामान्य रूप से झाग बन रहा है जो बार-बार फ्लश करने पर भी नहीं जा रहा, तो यह संकेत है कि आपके शरीर से जरूरी प्रोटीन (एल्ब्युमिन) बाहर निकल रहा है।

  1. पैरों और टखनों में सूजन

किडनी की कार्यक्षमता कम होने पर शरीर सोडियम को सही ढंग से बाहर नहीं निकाल पाता। इसके परिणामस्वरूप शरीर के ऊतकों में पानी जमा होने लगता है (Water Retention), जिससे मुख्य रूप से पैरों, टखनों और कभी-कभी चेहरे या हाथों पर सूजन दिखाई देने लगती है।

  1. मांसपेशियों में खिंचाव और ऐंठन

शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स जैसे कैल्शियम, फास्फोरस और सोडियम का संतुलन बनाए रखने में किडनी की बड़ी भूमिका होती है। इनका संतुलन बिगड़ने पर मांसपेशियों में तेज दर्द या ऐंठन की समस्या बार-बार होने लगती है।

  1. नींद की कमी और भूख न लगना

जब टॉक्सिन्स शरीर से बाहर नहीं निकल पाते, तो वे रक्त में ही रह जाते हैं, जिससे नींद आने में परेशानी होती है। साथ ही, शरीर में गंदगी बढ़ने से खाने के प्रति अरुचि या जी मिचलाने जैसी समस्याएं भी पैदा हो सकती हैं।

महत्वपूर्ण सलाह: यदि आपको इनमें से एक से अधिक लक्षण महसूस हो रहे हैं, तो तुरंत किसी विशेषज्ञ डॉक्टर से संपर्क करें और ‘किडनी फंक्शन टेस्ट’ (KFT) करवाएं। समय पर पहचान ही किडनी रोगों से बचाव का सबसे बेहतर तरीका है।

Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button