किडनी की सेहत : खाली पेट इन गलतियों को करना पड़ सकता है भारी, बढ़ जाता है फेलियर का रिस्क

हेल्थ न्युज (एजेंसी)। आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी और बिगड़ते खानपान का सबसे बुरा असर हमारे शरीर के ‘फिल्टर’ यानी किडनी (वृक्क) पर पड़ रहा है। न केवल बुजुर्ग, बल्कि युवा भी अब तेजी से किडनी से जुड़ी बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। जीटीबी हॉस्पिटल, दिल्ली के मेडिसिन विभाग के प्रमुख डॉ. अमितेश अग्रवाल के अनुसार, हमारी कुछ छोटी सी दिखने वाली आदतें किडनी को गंभीर नुकसान पहुँचा सकती हैं।
शरीर में किडनी की मुख्य भूमिका
किडनी हमारे शरीर का वह अनिवार्य हिस्सा है जो रक्त की सफाई करता है। इसके मुख्य कार्य निम्नलिखित हैं:
अपशिष्ट निकासी: शरीर से विषाक्त पदार्थों और अतिरिक्त तरल को मूत्र के जरिए बाहर निकालना।
संतुलन बनाए रखना: शरीर में नमक, पोटैशियम और एसिड के स्तर को नियंत्रित करना।
रक्त निस्पंदन: सूक्ष्म रक्त वाहिकाओं के जरिए खून को छानकर उसे शुद्ध बनाए रखना।
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डॉ. अग्रवाल ने किडनी को सुरक्षित रखने के लिए कुछ महत्वपूर्ण चेतावनियों पर जोर दिया है:
बिना खाए दवा लेना (विशेषकर शुगर की दवा):
अनियंत्रित मधुमेह (Diabetes) किडनी फेल होने का सबसे बड़ा कारण है। यदि आप शुगर के मरीज हैं, तो दवा लेने में लापरवाही न बरतें। लेकिन ध्यान रहे, डॉक्टर की सलाह के बिना शुगर की दवाओं को खाली पेट लेना स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल डाल सकता है।
पेनकिलर्स का गलत इस्तेमाल:
अक्सर लोग सिरदर्द या बदन दर्द होने पर खाली पेट दर्द निवारक दवाएं (Painkillers) खा लेते हैं। लंबे समय तक ऐसा करना किडनी के लिए घातक साबित हो सकता है और उसे पूरी तरह डैमेज कर सकता है।
बढ़ता वजन और मोटापा:
मोटापा सीधे तौर पर किडनी की कार्यक्षमता को प्रभावित करता है। यदि आप ओवरवेट हैं, तो किडनी फेलियर का खतरा बढ़ जाता है। वजन पर नियंत्रण रखना किडनी को स्वस्थ रखने का सबसे कारगर तरीका है।
क्या किडनी रोग अनुवांशिक होते हैं?
विशेषज्ञों के अनुसार, किडनी की समस्या जेनेटिक (अनुवांशिक) भी हो सकती है। यदि आपके परिवार में (माता-पिता या दादा-दादी) किसी को किडनी की बीमारी रही है, तो आपको अधिक सतर्क रहने की जरूरत है। अच्छी बात यह है कि यदि शुरुआती चरणों में ही जांच और इलाज शुरू कर दिया जाए, तो किडनी की अधिकांश समस्याओं को ठीक किया जा सकता है।
















