बिलासपुर का कायाकल्प : छत्तीसगढ़ के नए ‘ग्रोथ इंजन’ के रूप में उभरता न्यायधानी

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने बिलासपुर को राज्य के अगले बड़े आर्थिक और शहरी केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए एक महत्वाकांक्षी योजना तैयार की है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में हाल ही में मंत्रालय (महानदी भवन) में आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक में बिलासपुर के भविष्य को लेकर दूरगामी निर्णय लिए गए। इस बैठक ने यह स्पष्ट कर दिया है कि केंद्र और राज्य की ‘डबल इंजन’ सरकार बिलासपुर को राष्ट्रीय स्तर पर एक मॉडल शहर बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
विकास का साझा संकल्प: केंद्र और राज्य का समन्वय
इस बैठक की सबसे खास बात केंद्र और राज्य के नेतृत्व का एक साथ आना रही। केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू, उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव, और वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी सहित बिलासपुर क्षेत्र के प्रमुख विधायकों और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी ने यह संदेश दिया कि शहर का विकास अब सर्वोच्च प्राथमिकता है। यह समन्वय दिल्ली और रायपुर के बीच योजनाओं की स्वीकृति और फंड आवंटन की प्रक्रिया को गति देगा।
अगले 15 वर्षों का मास्टर प्लान
मुख्यमंत्री साय ने केवल तात्कालिक समस्याओं पर ही ध्यान केंद्रित नहीं किया, बल्कि आगामी 10 से 15 वर्षों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए एक रोडमैप पेश किया। इसमें प्रमुख बिंदु शामिल हैं:
नियोजित शहरी विस्तार: बढ़ती जनसंख्या को देखते हुए आवास और बुनियादी ढांचे का विकास।
आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर: ट्रैफिक प्रबंधन, जल आपूर्ति, सीवरेज और ड्रेनेज सिस्टम का सुदृढ़ीकरण।
आर्थिक और शैक्षणिक हब: बिलासपुर को मध्य भारत के लॉजिस्टिक, स्वास्थ्य और शिक्षा के केंद्र के रूप में पहचान दिलाना।
सतत विकास: स्वच्छता और पर्यावरण के अनुकूल शहरी ढांचे पर विशेष जोर।
आर्थिक संभावनाओं के नए द्वार
वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने आश्वस्त किया है कि बिलासपुर के विकास कार्यों के लिए वित्तीय संसाधनों की कमी नहीं होने दी जाएगी। स्मार्ट सिटी मिशन और अमृत योजना जैसे राष्ट्रीय कार्यक्रमों को स्थानीय स्तर पर तेजी से लागू किया जाएगा। इससे न केवल बिलासपुर बल्कि पूरे उत्तर छत्तीसगढ़ में निवेश, रियल एस्टेट और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
“हमारा लक्ष्य बिलासपुर को सिर्फ एक शहर के रूप में नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के आर्थिक विकास के पावरहाउस के रूप में स्थापित करना है।” — मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
निष्कर्ष
बिलासपुर अब अपनी पुरानी पहचान से आगे बढ़कर एक आधुनिक महानगर बनने की राह पर है। प्रशासनिक इच्छाशक्ति और राजनीतिक संकल्प के इस मेल से यह उम्मीद जगी है कि आने वाले समय में बिलासपुर राष्ट्रीय शहरी विकास के मानचित्र पर अपनी एक विशिष्ट पहचान बनाने में सफल होगा।
















