कोतवाली पुलिस के शिकंजे में हिस्ट्रीशीटर रोहित तोमर, कोर्ट के आदेश पर भेजा गया जेल

रायपुर। राजधानी की कोतवाली थाना पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए काफी समय से फरार चल रहे कुख्यात अपराधी रोहित तोमर को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ से उसे जेल भेज दिया गया है।
क्या है पूरा मामला?
रोहित तोमर के खिलाफ साल 2019 में कोतवाली थाने में जबरन वसूली (धारा 327), अवैध उगाही (धारा 384) और जान से मारने की धमकी (धारा 506) जैसे गंभीर मामलों में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। आरोपी पुलिस की पकड़ से बचने के लिए लंबे समय से फरार चल रहा था। मामले की गंभीरता को देखते हुए अदालत ने उसके खिलाफ स्थायी वारंट जारी किया था, जिसके बाद पुलिस ने सक्रियता दिखाते हुए उसे धर दबोचा।
कानूनी पेंच और अन्य मामले
रोहित तोमर और उसके भाई वीरेंद्र तोमर का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड रहा है और शहर के विभिन्न थानों में उनके विरुद्ध कई केस दर्ज हैं।
सुप्रीम कोर्ट से राहत: हाल ही में तेलीबांधा थाने में दर्ज मारपीट के एक मामले में सुप्रीम कोर्ट ने रोहित की गिरफ्तारी पर अंतरिम रोक लगाई थी। इसी वजह से उस विशिष्ट मामले में पुलिस उसे गिरफ्तार नहीं कर पाई थी।
पुरानी फरारी बनी गिरफ्तारी का आधार: हालांकि, कोतवाली थाने के पुराने लंबित मामले और कोर्ट द्वारा जारी स्थायी वारंट की वजह से पुलिस ने यह वैधानिक कार्रवाई की।
भाई की पहले ही हो चुकी है गिरफ्तारी: आपको बता दें कि रोहित का बड़ा भाई वीरेंद्र तोमर भी पुलिस की गिरफ्त में आ चुका है। पिछले साल उसे मध्य प्रदेश से पकड़कर लाया गया था।
पुलिस का अगला कदम: फिलहाल रोहित तोमर सलाखों के पीछे है। रायपुर पुलिस अब उसके खिलाफ लंबित अन्य मामलों की फाइलें भी दोबारा खंगाल रही है ताकि कानून का शिकंजा पूरी तरह कसा जा सके।
















