रायपुर में रसोई गैस की किल्लत : बुकिंग के हफ्ते भर बाद भी खाली हाथ उपभोक्ता

रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में इन दिनों रसोई गैस (LPG) की आपूर्ति का संकट गहरा गया है। गैस सिलेंडर बुक कराने के बावजूद लोगों को लंबा इंतजार करना पड़ रहा है, जिससे आम जनता की रसोई का बजट और प्रबंधन दोनों बिगड़ गए हैं।
सप्लाई चेन पर दोहरी मार
गैस आपूर्ति में हो रही इस देरी के पीछे मुख्य रूप से दो बड़े कारण सामने आ रहे हैं:
अंतरराष्ट्रीय तनाव: मध्य पूर्व (मिडल ईस्ट) में जारी युद्ध की स्थिति ने वैश्विक तेल आपूर्ति को प्रभावित किया है। इसका सीधा असर कीमतों पर पड़ा है, जहाँ घरेलू गैस सिलेंडर के दाम में ₹60 और कमर्शियल सिलेंडर में ₹114 तक का उछाल देखा गया है।
स्थानीय लॉजिस्टिक्स: होली के त्योहार के बाद से कई डिलीवरी कर्मचारी अब तक काम पर वापस नहीं लौटे हैं, जिससे वितरण प्रणाली सुस्त पड़ गई है।
क्या है जमीनी हकीकत?
नियमों के मुताबिक, गैस कंपनियों का लक्ष्य बुकिंग के 24 घंटे के भीतर डिलीवरी सुनिश्चित करना होता है। हालांकि, वर्तमान में रायपुर के कई इलाकों में स्थिति इसके उलट है:
बुकिंग के बाद सिलेंडर पहुँचने में 5 से 6 दिन का समय लग रहा है।
नियमतः एक रिफिल के बाद दूसरा सिलेंडर 21 से 25 दिनों के अंतराल पर ही बुक किया जा सकता है, ऐसे में देरी उपभोक्ताओं की चिंता बढ़ा रही है।
एजेंसी संचालकों का दावा है कि उनके पास स्टॉक की कमी नहीं है, लेकिन मैनपावर की कमी और ऊपर से मिले ‘सीमित सप्लाई’ के निर्देशों ने हाथ बांध रखे हैं।
विशेष नोट: शहर के कई गैस वितरकों ने स्वीकार किया है कि उन्हें घरेलू और व्यावसायिक दोनों श्रेणियों में आपूर्ति को नियंत्रित (Limit) रखने के संकेत मिले हैं, जिसके कारण आने वाले दिनों में किल्लत और बढ़ सकती है।
















