महतारी वंदन योजना : छत्तीसगढ़ की 70 लाख महिलाओं के सशक्तिकरण की 25वीं सीढ़ी

बस्तर। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के गौरवशाली अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने बस्तर के लाल बहादुर शास्त्री मिनी स्टेडियम में आयोजित एक भव्य समारोह में प्रदेश की मातृशक्ति को बड़ी सौगात दी। मुख्यमंत्री ने महतारी वंदन योजना की 25वीं किश्त जारी करते हुए छत्तीसगढ़ की लगभग 69.48 लाख महिलाओं के बैंक खातों में 641.58 करोड़ रुपये की राशि सीधे हस्तांतरित की।
आर्थिक आजादी का प्रतीक बनी योजना
मुख्यमंत्री श्री साय ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य की उन्नति का आधार महिलाओं का सामाजिक और आर्थिक उत्थान है। उन्होंने रेखांकित किया कि 10 मार्च 2024 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू की गई यह योजना अब मात्र एक सरकारी मदद नहीं, बल्कि महिलाओं के स्वाभिमान का अभियान बन चुकी है।
योजना के अब तक के प्रमुख आंकड़े:
कुल लाभार्थी: 69 लाख 48 हजार महिलाएं।
अब तक वितरित कुल राशि: 16,237 करोड़ रुपये।
प्रति लाभार्थी कुल लाभ: अब तक प्रत्येक पात्र महिला को 25,000 रुपये मिल चुके हैं।
बजटीय प्रावधान: इस वर्ष योजना के निर्बाध संचालन के लिए 8,200 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
बदलती कहानियाँ: सशक्त होती महिलाएं
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रदेश के विभिन्न जिलों की महिलाओं से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बात की, जहाँ सफलता की प्रेरक कहानियाँ सामने आईं:
मिथलेश चतुर्वेदी (मोहला-मानपुर): पति के निधन के बाद इस योजना के सहयोग से ई-रिक्शा खरीदकर आत्मनिर्भर बनीं।
नीतू साहू (धमतरी): योजना की राशि से अपनी बेटियों के लिए ‘सुकन्या समृद्धि योजना’ में निवेश कर रही हैं।
निधि जायसवाल (सरगुजा): बचत की राशि से “निधि मेकओवर” नाम का अपना ब्यूटी पार्लर शुरू किया।
अनीता साहू (गौरेला-पेंड्रा-मरवाही): सिलाई केंद्र स्थापित कर स्वरोजगार से जुड़ीं।
नक्सलवाद पर प्रहार और पुनर्वास की नई पहल
मुख्यमंत्री ने बस्तर के बदलते स्वरूप पर चर्चा करते हुए कहा कि नक्सलवाद अब अपने अंतिम दौर में है। सरकार ने प्रभावित परिवारों और आत्मसमर्पित पूर्व नक्सलियों के लिए 15,000 आवास स्वीकृत किए हैं। साथ ही, ‘लक्ष्मी सखी मिलेट कार्ट’ की शुरुआत की गई है, जिससे पुनर्वासित महिलाएं मिलेट उत्पाद बेचकर अपनी आजीविका चला सकेंगी।
सर्वांगीण विकास के अन्य प्रयास
लखपति दीदी: 8 लाख महिलाएं इस लक्ष्य को प्राप्त कर चुकी हैं, जिसे अब 10 लाख तक ले जाने का लक्ष्य है।
महतारी सदन: महिलाओं के प्रशिक्षण और सामुदायिक कार्यों के लिए 368 सदनों की स्वीकृति दी गई है।
नियद नेल्ला नार: इस योजना के माध्यम से दूरस्थ गांवों तक बिजली, पानी, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाएँ पहुँचाई जा रही हैं।
कन्या विवाह: पिछले दो वर्षों में 21,754 बेटियों का विवाह सरकारी सहयोग से संपन्न कराया गया।
महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े और वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने भी इस अवसर पर सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया। कार्यक्रम में विभागीय योजनाओं पर आधारित पुस्तिका का विमोचन भी किया गया। अंत में, मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि जब महिलाएं आर्थिक रूप से सक्षम होती हैं, तो पूरा समाज प्रगति करता है।
















