छत्तीसगढ़

महतारी वंदन योजना : भगवती साहू के हुनर को मिले नए पंख, सिलाई से बदली घर की तस्वीर

बलौदाबाजार। बलौदाबाजार जिले के ग्राम पंचायत कोरदा की रहने वाली भगवती साहू आज स्वावलंबन की एक नई मिसाल पेश कर रही हैं। कभी अपनी छोटी जरूरतों के लिए दूसरों पर निर्भर रहने वाली भगवती, आज छत्तीसगढ़ सरकार की ‘महतारी वंदन योजना’ के सहयोग से न केवल अपने पैरों पर खड़ी हैं, बल्कि अपने परिवार का मजबूत सहारा भी बन गई हैं।

आर्थिक तंगी से आत्मनिर्भरता का सफर

भगवती के पति, रज्जन साहू, पेशे से एक किसान हैं। खेती-किसानी से होने वाली सीमित आय में बड़े परिवार का गुजारा करना एक बड़ी चुनौती थी। परिवार की स्थिति को देखते हुए भगवती ने तीन साल पहले सिलाई का काम शुरू किया था, लेकिन संसाधनों की कमी हमेशा आड़े आती रही।

योजना बनी ‘संजीवनी’

भगवती बताती हैं कि महतारी वंदन योजना के तहत मिलने वाली 1,000 रुपए की मासिक सहायता उनके व्यवसाय के लिए किसी वरदान से कम नहीं है।

कच्चे माल की उपलब्धता: इस राशि का उपयोग वे सिलाई के लिए जरूरी सामान जैसे धागा, सुई, बटन और अन्य सामग्री खरीदने में करती हैं।

काम में निरंतरता: अब उन्हें सामान खरीदने के लिए सोचना नहीं पड़ता, जिससे उनका काम बिना रुके चलता रहता है।

सम्मान और सशक्तिकरण

भगवती भावुक स्वर में कहती हैं कि इस आर्थिक मदद ने न केवल उनके काम को गति दी है, बल्कि समाज में उनके आत्मसम्मान को भी बढ़ाया है। आज वे अपनी सिलाई की कमाई और शासन की मदद से घर की छोटी-बड़ी जरूरतों को खुद पूरा कर रही हैं।

कोरदा जैसे छोटे गांव से निकलकर भगवती आज कामयाबी की नई इबारत लिख रही हैं। उन्होंने इस संबल के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह योजना केवल पैसा नहीं, बल्कि प्रदेश की महिलाओं के सपनों को सच करने का एक सशक्त माध्यम है।

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