महतारी वंदन योजना : ढेला बाई के बुढ़ापे की बनी नई उम्मीद

रायपुर। ग्राम पंचायत पुरई में रहने वाली ढेला बाई यादव और उनके पति आज एक बेहतर जीवन जी रहे हैं। नि:संतान होने के कारण बुढ़ापे के इस पड़ाव पर उन्हें कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता था। हालांकि, उन्हें सरकारी वृद्धावस्था पेंशन का सहारा तो था, लेकिन बढ़ती उम्र की जरूरतों को पूरा करने के लिए यह पर्याप्त नहीं था। ऐसे में छत्तीसगढ़ सरकार की ‘महतारी वंदन योजना’ ने उनके जीवन में एक नई उम्मीद जगाई है।
आर्थिक सुरक्षा और आत्मनिर्भरता
ढेला बाई ने बताया कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के सहयोग से उन्होंने इस योजना के लिए आवेदन किया था। आवेदन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद, फरवरी 2024 से उन्हें हर महीने 1,000 रुपये की आर्थिक मदद मिलनी शुरू हो गई। इस राशि ने उन्हें एक तरह की आत्मनिर्भरता दी है, जिससे अब वे अपनी छोटी-छोटी दैनिक जरूरतों के लिए किसी पर निर्भर नहीं हैं।
एक सफल प्रयास
महतारी वंदन योजना न केवल ढेला बाई जैसी महिलाओं के लिए बल्कि उन सभी के लिए मददगार साबित हो रही है, जो अपने अंतिम समय में आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं। यह योजना महिलाओं के सशक्तिकरण और उनके सम्मानजनक जीवन जीने की दिशा में एक सकारात्मक कदम है, जिसने ढेला बाई जैसे कई बुजुर्ग दंपतियों की कठिन परिस्थितियों को आसान बना दिया है।
















