मन की बात : मुख्यमंत्री साय ने जल संरक्षण और आत्मनिर्भरता के छत्तीसगढ़ मॉडल को सराहा

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मासिक रेडियो संबोधन ‘मन की बात’ की 132वीं कड़ी को सुना। कार्यक्रम के उपरांत उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का यह संवाद देश के नागरिकों में सकारात्मकता भरने और राष्ट्र निर्माण के प्रति एकजुट करने का एक सशक्त माध्यम है।
छत्तीसगढ़ के जल संरक्षण मॉडल को मिली राष्ट्रीय पहचान
मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से प्रधानमंत्री द्वारा कोरिया जिले के किसानों के प्रयासों का उल्लेख किए जाने पर हर्ष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि कोरिया के किसानों द्वारा अपनाए गए ‘आवा पानी झोंकी’ मॉडल ने न केवल भूजल स्तर को सुधारा है, बल्कि पूरे देश को जल संरक्षण की एक नई दिशा दिखाई है। खेतों में रिचार्ज तालाब और सोख्ता गड्ढों के माध्यम से वर्षा जल को सहेजने की यह मुहिम अब एक जन-आंदोलन बन चुकी है।
स्वस्थ जीवनशैली और आर्थिक स्वावलंबन पर जोर
संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री द्वारा सुझाए गए अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर भी चर्चा की:
मत्स्य पालन: प्रदेश में मछली पालन को बढ़ावा देकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करने की प्रतिबद्धता।
स्वास्थ्य: फिटनेस के प्रति जागरूकता, शुगर (चीनी) के सेवन में कमी और खेलों के लिए अनुकूल माहौल तैयार करना।
युवा अवसर: युवाओं को खेलों और कौशल विकास से जोड़कर भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करना।
आपूर्ति व्यवस्था पर भरोसा और अफवाहों से बचने की अपील
पश्चिमी एशिया के मौजूदा हालातों पर प्रधानमंत्री के संदेश का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री साय ने प्रदेशवासियों को आश्वस्त किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि छत्तीसगढ़ में पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस समेत सभी आवश्यक वस्तुओं का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है। उन्होंने जनता से आग्रह किया कि वे किसी भी तरह की भ्रामक खबरों या अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें।
इस कार्यक्रम के दौरान विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष श्री संजय श्रीवास्तव, मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार श्री कृष्णा दास सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
















