छत्तीसगढ़ में सौर ऊर्जा की नई किरण : मुख्यमंत्री साय ने परखा ‘पीएम सूर्यघर योजना’ का जमीनी असर

रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने हाल ही में सूरजपुर जिले के ग्राम पर्री (सरना पारा) का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने श्रीमती राजकुमारी द्विवेदी के घर पहुँचकर पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत लगाए गए सोलर पैनल सिस्टम का प्रत्यक्ष निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने न केवल तकनीकी बारीकियों को समझा, बल्कि यह भी देखा कि यह योजना आम आदमी के जीवन में कितना सकारात्मक बदलाव ला रही है।
बिजली बिल से राहत और आर्थिक स्वावलंबन
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने हितग्राही परिवार से आत्मीय चर्चा की। श्रीमती द्विवेदी ने अपना अनुभव साझा करते हुए बताया कि:
बिजली बिल में कटौती: सोलर सिस्टम लगने के बाद से महीने के बिजली खर्च में भारी कमी आई है।
निर्बाध आपूर्ति: अब घर में बिजली की उपलब्धता पहले से अधिक नियमित हो गई है।
बचत: कम बिजली बिल के कारण परिवार को आर्थिक मजबूती मिली है, जिससे वे अन्य घरेलू जरूरतों को बेहतर ढंग से पूरा कर पा रहे हैं।
पर्यावरण और आत्मनिर्भरता पर जोर
मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर कहा कि यह योजना केवल मुफ्त बिजली देने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पर्यावरण संरक्षण और ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है। उन्होंने रेखांकित किया कि सौर ऊर्जा का उपयोग करके नागरिक न केवल अपना पैसा बचा रहे हैं, बल्कि ‘क्लीन एनर्जी’ के माध्यम से धरती को बचाने में भी योगदान दे रहे हैं।
सरकार का संकल्प और अधिकारियों को निर्देश
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘आत्मनिर्भर भारत’ के विजन को दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि:
हर घर तक पहुँच: राज्य सरकार का लक्ष्य है कि अधिक से अधिक पात्र परिवार इस योजना का लाभ उठाएं।
पारदर्शिता और गुणवत्ता: अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि सोलर पैनल की स्थापना में गुणवत्ता और समय सीमा का पूरा ध्यान रखा जाए।
सरल प्रक्रिया: हितग्राहियों को योजना का लाभ लेने में किसी भी तरह की तकनीकी या प्रशासनिक बाधा का सामना न करना पड़े, इसके लिए सिस्टम को और सुगम बनाया जा रहा है।
मुख्यमंत्री के इस दौरे ने यह स्पष्ट कर दिया है कि छत्तीसगढ़ सरकार प्रदेश को हरित ऊर्जा (Green Energy) के क्षेत्र में अग्रणी बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
















