छत्तीसगढ़ में कुदरत का कहर : बेमौसम बरसात और ओलों ने बढ़ाई चिंता, आसमानी बिजली की चपेट में आया ग्रामीण

गरियाबंद। छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों में मंगलवार को मौसम ने करवट बदली है। चिलचिलाती धूप और गर्मी के बीच हुई अचानक बारिश ने तापमान में गिरावट तो ला दी, लेकिन यह बदलाव किसानों के लिए आफत बनकर बरसा है। गरियाबंद, धमतरी और सरगुजा संभाग के कई इलाकों में तेज हवाओं के साथ बारिश और ओलावृष्टि दर्ज की गई।
बिजली गिरने से बाल-बाल बचा युवक
गरियाबंद जिले के सीनापाली गांव में एक दर्दनाक हादसा टल गया। यहाँ रहने वाले 35 वर्षीय गोविंद पटेल जब एक इमली के पेड़ के नीचे खड़े होकर मोबाइल का इस्तेमाल कर रहे थे, तभी अचानक पेड़ पर आसमानी बिजली गिर गई। इस हादसे में गोविंद की पीठ झुलस गई है। पीड़ित ने बताया कि यह अनुभव बेहद डरावना था और उन्हें ऐसा महसूस हुआ जैसे वे मौत के मुंह से वापस आए हैं। तत्काल प्रभाव से उन्हें 108 एंबुलेंस के जरिए देवभोग के सरकारी अस्पताल पहुँचाया गया। डॉक्टरों के अनुसार, युवक की स्थिति अब खतरे से बाहर है और उनका उपचार जारी है।
खेती-किसानी पर मौसम की मार
इस बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि का सबसे बुरा असर बागवानी और वनोपज पर पड़ा है:
महुआ की फसल: प्रारंभिक अनुमानों के अनुसार, तेज हवाओं और बारिश के कारण लगभग 30% महुआ की फसल को नुकसान पहुँचा है।
आम की पैदावार: छुरा और बाघमार इलाकों में गिरे ओलों ने आम के बौर (फूल) और छोटे फलों को झाड़ दिया है, जिससे इस साल आम की आवक कम होने की आशंका है।
आगामी चेतावनी: मौसम विभाग ने संकेत दिए हैं कि अगले 48 घंटों तक प्रदेश के विभिन्न जिलों में बादल छाए रह सकते हैं और हल्की से मध्यम वर्षा की संभावना बनी हुई है।
प्रशासन और कृषि विभाग अब फसलों को हुए वास्तविक नुकसान का आकलन करने में जुट गए हैं।
















