हेल्थ

आंखों की रोशनी बढ़ाने और चश्मे से राहत पाने के प्राकृतिक तरीके

हेल्थ न्युज (एजेंसी)। आज की भागदौड़ भरी जीवनशैली और बढ़ते ‘स्क्रीन टाइम’ ने हमारी आंखों पर भारी दबाव डाल दिया है। आलम यह है कि कम उम्र में ही लोगों की नजर कमजोर हो रही है और चश्मे का नंबर लगातार बढ़ रहा है। केवल मोतियाबिंद (Cataract) ही नहीं, बल्कि ग्लूकोमा जैसी गंभीर बीमारियां भी अब युवाओं को अपनी चपेट में ले रही हैं।

आंखों के बढ़ते रोगों का कारण

पुराने समय में मोतियाबिंद जैसी समस्याएं 60 की उम्र के बाद देखी जाती थीं, लेकिन अब खराब लाइफस्टाइल, डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर के कारण यह समय से पहले हो रहा है। विशेष रूप से ग्लूकोमा (काला मोतिया) एक ‘साइलेंट किलर’ की तरह है, क्योंकि इसके लक्षण तब तक स्पष्ट नहीं होते जब तक नजर काफी हद तक कम न हो जाए। उच्च रक्तचाप सीधे हमारी रेटिना को नुकसान पहुँचा सकता है, जिससे दृष्टि हमेशा के लिए धुंधली हो सकती है।

प्राकृतिक चिकित्सा और योग से सुधार

आंखों की सेहत को बेहतर बनाने के लिए योग और नेचुरोपैथी बेहद प्रभावी साबित हो सकते हैं:

अनुलोम-विलोम: प्रतिदिन 10 से 15 मिनट का अभ्यास न केवल आंखों की नसों को आराम देता है, बल्कि मानसिक तनाव भी कम करता है।

शीर्षासन और सर्वांगासन: ये आसन सिर की ओर रक्त के संचार को बढ़ाते हैं, जिससे आंखों की मांसपेशियों को पोषण मिलता है और दृष्टि में सुधार होता है।

एक्यूप्रेशर का लाभ: हथेली में अंगूठे के पास वाली पहली और दूसरी उंगली के बीच के निचले हिस्से को दबाने से आंखों की ऊर्जा बढ़ती है।

असरदार घरेलू और आयुर्वेदिक उपाय

प्राकृतिक सामग्री के सही मिश्रण से आप अपनी आंखों की खोई हुई चमक वापस पा सकते हैं:

प्राकृतिक आई ड्रॉप: एक चम्मच अदरक का रस, एक चम्मच नींबू का रस और एक चम्मच सफेद प्याज के रस में तीन चम्मच शुद्ध शहद मिलाएं। इस मिश्रण की एक-एक बूंद नियमित रूप से आंखों में डालना फायदेमंद हो सकता है।

आंवला का सेवन: विटामिन-C से भरपूर आंवला आंखों के लिए अमृत समान है। आप इसे चूर्ण, जूस या मुरब्बे के रूप में ले सकते हैं।

आयुर्वेदिक चूर्ण मिश्रण: 200 ग्राम आमलकी रसायन, 20 ग्राम सप्तामृत लौह और 10 ग्राम मुक्ता शुक्ति का मिश्रण तैयार करें। इसे सुबह-शाम एक चम्मच पानी के साथ लेने से आंखों की इम्युनिटी बढ़ती है।

जल नेति: आयुर्वेद की यह शुद्धि क्रिया आंखों की सफाई और दृष्टि की स्पष्टता के लिए बहुत प्रभावी मानी जाती है।

महत्वपूर्ण सूचना: यह जानकारी केवल सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी घरेलू उपाय या योग को अपनाने से पहले विशेषज्ञ या डॉक्टर की सलाह अवश्य लें।

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