नक्सल मुक्त छत्तीसगढ़ : कवर्धा में गृहमंत्री विजय शर्मा का भव्य नागरिक अभिनंदन

कवर्धा। छत्तीसगढ़ के इतिहास में 31 मार्च 2026 की तारीख स्वर्ण अक्षरों में दर्ज हो गई, जब केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने देश से सशस्त्र नक्सलवाद के पूर्ण खात्मे की आधिकारिक घोषणा की। इस ऐतिहासिक उपलब्धि के सूत्रधार रहे प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा का उनके गृह नगर कवर्धा पहुँचने पर अभूतपूर्व स्वागत किया गया।
जन-उत्सव में बदला अभिनंदन समारोह
नक्सलवाद के कलंक से मुक्ति मिलने के बाद पहली बार कवर्धा पहुँचे विजय शर्मा के सम्मान में पूरा शहर उमड़ पड़ा। महामाया चौक पर आयोजित ‘नागरिक अभिनंदन समारोह’ किसी बड़े उत्सव जैसा नजर आया। ढोल-नगाड़ों और आतिशबाजी के बीच हजारों लोगों ने अपने ‘माटी पुत्र’ का स्वागत किया। इस दौरान शहर के विभिन्न सामाजिक संगठनों और समुदायों ने एकजुट होकर उन्हें लड्डुओं से तौला और इस कठिन लक्ष्य को हासिल करने के लिए उनका आभार व्यक्त किया।
सामूहिक संकल्प की जीत
सम्मान से अभिभूत उपमुख्यमंत्री ने सबसे पहले गायत्री मंदिर और गुरुद्वारे में मत्था टेककर प्रदेश की सुख-शांति की कामना की। उन्होंने भारतमाता चौक पर शहीद जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा:
“नक्सलवाद एक थोपी हुई विचारधारा थी जिसने दशकों तक बस्तर के विकास को बाधित किया। यह जीत केवल सरकार की नहीं, बल्कि सुरक्षा बलों के साहस, बस्तर की जनता के अटूट विश्वास और हमारे सजग मीडिया कर्मियों के सहयोग का परिणाम है।”
विकास और शांति का नया सवेरा
शर्मा ने भावुक होते हुए उन दिनों को याद किया जब बस्तर के निर्दोष ग्रामीण और सुरक्षाकर्मी बारूदी सुरंगों का शिकार होते थे। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में सरकार ने पुनर्वास की बेहतर नीतियां अपनाईं, जिससे भटकते हुए युवाओं ने मुख्यधारा में वापसी की।
कार्यक्रम की मुख्य बातें:
सर्वसमाज की भागीदारी: ब्राह्मण, यादव, साहू, सतनामी, जैन और गोंड समाज समेत दर्जनों समुदायों ने रैली निकालकर गृहमंत्री का अभिनंदन किया।
शहीदों को नमन: अभियान में सर्वोच्च बलिदान देने वाले जवानों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की गई।
बदलता बस्तर: गृहमंत्री ने साझा किया कि अब बस्तर के मेलों और बाजारों में रौनक लौट आई है और लोग बिना किसी भय के जीवन जी रहे हैं।
अंत में विजय शर्मा ने कवर्धा की जनता के प्रति आभार जताते हुए कहा कि जिस तरह राम मंदिर का निर्माण और अनुच्छेद 370 का खात्मा समय सीमा के भीतर हुआ, ठीक उसी तरह प्रधानमंत्री के संकल्प से छत्तीसगढ़ भी आज आतंक के साये से पूरी तरह मुक्त हो चुका है।
















