मेकाहारा में सीटी एंजियोग्राफी की नई पहल : बिना चीर-फाड़ के होगी नसों की जांच

रायपुर। रायपुर के डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय (मेकाहारा) के रेडियोडायग्नोसिस विभाग ने मरीजों के लिए एक बड़ी राहत की खबर दी है। अब अस्पताल में अत्याधुनिक सीटी एंजियोग्राफी की सुविधा अधिकारिक तौर पर शुरू हो गई है। इस तकनीक की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह पूरी तरह से ‘नॉन-इनवेसिव’ है, यानी इसमें शरीर के भीतर कैथेटर डालने या चीर-फाड़ की जरूरत नहीं पड़ती।
आधुनिक जांच से सटीक इलाज
विगत सप्ताह ही लगभग 29 मरीजों ने इस सुविधा का लाभ उठाया है। अस्पताल के अधीक्षक डॉ. संतोष सोनकर के अनुसार, इस मशीन से हृदय, मस्तिष्क, फेफड़ों और शरीर के अन्य हिस्सों की रक्त वाहिकाओं की जांच बेहद बारीकी से की जा सकती है।
इस सुविधा के तहत मुख्य रूप से निम्नलिखित जांचें की जा रही हैं:
कोरोनरी एंजियोग्राफी: हृदय की धमनियों में ब्लॉकेज का पता लगाना।
सेरेब्रल (ब्रेन) एंजियोग्राफी: स्ट्रोक और ब्रेन एन्यूरिज्म जैसी गंभीर स्थितियों की पहचान।
पेरिफेरल और पल्मोनरी: हाथ-पैर और फेफड़ों की नसों की जांच।
मरीजों के लिए किफायती और सुलभ
अस्पताल प्रशासन ने शुल्क संरचना को बेहद पारदर्शी और जन-हितैषी रखा है:
निशुल्क सेवा: बीपीएल कार्ड धारकों और 60 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों के लिए सभी जांचें मुफ्त हैं।
सहुलियत: अस्पताल में भर्ती एपीएल (सामान्य श्रेणी) मरीजों के लिए भी यह सुविधा निशुल्क है।
ओपीडी शुल्क: बाहर से आने वाले सामान्य मरीजों के लिए सीटी स्कैन ₹1000 और एमआरआई मात्र ₹2000 में उपलब्ध है।
क्यों खास है यह तकनीक?
विभागाध्यक्ष डॉ. विवेक पात्रे ने बताया कि पारंपरिक एंजियोग्राफी के मुकाबले इसमें समय बहुत कम लगता है। आधुनिक प्रेशर इंजेक्टर और 3D इमेजिंग की मदद से डॉक्टर नसों की स्पष्ट तस्वीर देख पाते हैं।
खास बात: इस पूरी प्रक्रिया में महज 15 से 20 मिनट का समय लगता है। चूंकि इसमें भर्ती होने की जरूरत नहीं पड़ती, इसलिए मरीज जांच के तुरंत बाद अपने घर जा सकता है और दैनिक कार्य कर सकता है।
यह सुविधा न केवल रायपुर बल्कि आसपास के क्षेत्रों के मरीजों के लिए भी जीवन रक्षक साबित होगी, क्योंकि अब उन्हें निजी केंद्रों के महंगे खर्चों से मुक्ति मिलेगी।
















