छत्तीसगढ़ के गांवों में अब हर घर पहुंचेगा शुद्ध जल : जल जीवन मिशन 2.0 का हुआ आगाज

रायपुर। छत्तीसगढ़ की ग्रामीण जल व्यवस्था को आधुनिक और सशक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा बदलाव होने जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की उपस्थिति में राज्य और केंद्र सरकार के बीच जल जीवन मिशन 2.0 को लेकर एक महत्वपूर्ण समझौता (MoU) हुआ है। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित इस कार्यक्रम में केंद्रीय जलशक्ति मंत्री श्री सी आर पाटिल भी शामिल हुए।
मिशन 2.0 की मुख्य विशेषताएं और लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने इस पहल को राज्य के लिए ‘ऐतिहासिक’ बताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में शुरू हुआ यह नया चरण जल वितरण प्रणाली को अधिक पारदर्शी और तकनीक-आधारित बनाएगा।
बढ़ी हुई भागीदारी: इस चरण में केवल बुनियादी ढांचा ही नहीं, बल्कि जनभागीदारी और सामुदायिक प्रबंधन पर विशेष जोर दिया जाएगा।
सफलता का अब तक का सफर: छत्तीसगढ़ में अब तक 82.66% ग्रामीण घरों (लगभग 41.30 लाख परिवार) को नल से जोड़ा जा चुका है।
महिलाओं को राहत: वनांचल और दूरस्थ क्षेत्रों में शुद्ध पानी पहुंचने से महिलाओं के संघर्ष में भारी कमी आई है।
रखरखाव पर ध्यान: ग्राम पंचायतों को अधिक शक्ति दी जाएगी ताकि वे जल प्रदाय योजनाओं के संचालन और मरम्मत की जिम्मेदारी खुद संभाल सकें।
नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के लिए विशेष मांग
मुख्यमंत्री श्री साय ने बस्तर और अन्य नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के विकास के लिए केंद्रीय मंत्री से 1300 करोड़ रुपये के विशेष पैकेज का अनुरोध किया है।
“इस राशि से 70 सामूहिक जल योजनाओं के जरिए राज्य के 3,000 से अधिक गांवों तक सुरक्षित पेयजल पहुंचाया जा सकेगा।”
केंद्र का सहयोग और निगरानी
केंद्रीय मंत्री श्री सी आर पाटिल ने स्पष्ट किया कि इस समझौते के बाद पाइपलाइन बिछाने के काम में तेजी आएगी। उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन पंचायतों के कामकाज की निगरानी करेगा और तकनीकी सहायता प्रदान करेगा, ताकि हर घर तक निर्बाध पानी की पहुंच सुनिश्चित हो सके।
इस कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव सहित वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी भी उपस्थित थे। यह समझौता ‘हर घर जल’ के लक्ष्य के साथ-साथ छत्तीसगढ़ को जल प्रबंधन के क्षेत्र में एक आदर्श राज्य बनाने की ओर एक बड़ा कदम है।
















