चीनी को कहें ‘ना’, इस्तेमाल करें ये सेहतमंद मिठास के विकल्प

हेल्थ न्युज (एजेंसी)। क्या आप मीठे के शौकीन हैं, लेकिन सफेद चीनी से होने वाले स्वास्थ्य जोखिमों से डरते हैं? अब आपको चिंता करने की ज़रूरत नहीं है! आज हम आपको चीनी के कुछ बेहतरीन और प्राकृतिक विकल्प (नेचुरल स्वीटनर) बताने जा रहे हैं, जिन्हें आप अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं। ये न केवल आपको भरपूर मिठास देंगे, बल्कि कई ज़रूरी पोषक तत्व भी प्रदान करेंगे, जो आपकी सेहत के लिए बहुत ज़रूरी हैं। इन प्राकृतिक चीज़ों को अपनी डाइट में जगह देने से सिर्फ डायबिटीज ही नहीं, बल्कि मोटापा, हृदय रोग, अवसाद (डिप्रेशन) और त्वचा संबंधी समस्याओं को भी नियंत्रित करने में मदद मिलेगी।
इन चीज़ों का करें उपयोग
- गुड़ : गुड़ भारत में इस्तेमाल होने वाला एक बहुत ही प्रचलित और पुराना स्वीटनर है। यह आयरन, मैग्नीशियम और पोटैशियम जैसे महत्वपूर्ण खनिजों से भरपूर होता है। शरीर इसे धीरे-धीरे अवशोषित करता है, जिससे ब्लड शुगर लेवल में अचानक बढ़ोतरी नहीं होती है। आप इसे अपनी चाय, गर्म दूध, दलिया या खीर में मिला सकते हैं। पारंपरिक मिठाइयों और लड्डूओं में भी यह चीनी का एक बेहतरीन विकल्प है। यह पाचन क्रिया को बेहतर बनाता है, शरीर को विषमुक्त (डिटॉक्सिफाई) करने में सहायक है और हल्की सूजन को भी कम कर सकता है।
- खजूर : खजूर प्राकृतिक रूप से बहुत मीठा, मुलायम और अच्छी मात्रा में फाइबर वाला होता है। खजूर में मौजूद फाइबर चीनी को रक्तप्रवाह में धीरे-धीरे प्रवेश करने देता है, जिससे आपकी ऊर्जा का स्तर स्थिर बना रहता है। इसमें पोटैशियम, मैग्नीशियम और एंटीऑक्सीडेंट्स भी प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। आप इसे सीधे स्नैक के तौर पर भी खा सकते हैं। यह तुरंत ऊर्जा प्रदान करता है, पाचन में सहायता करता है, और मीठा खाने की अचानक उठी चाहत (क्रेविंग) को भी शांत करता है।
- नारियल की शक्कर : नारियल की शक्कर नारियल के ताड़ के पेड़ों के रस से तैयार की जाती है और इसका स्वाद थोड़ा कैरमेल जैसा होता है। रिफाइंड चीनी की तुलना में इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स (GI) कम होता है, जिसका मतलब है कि यह ब्लड शुगर को तेज़ी से नहीं बढ़ाता। इसमें थोड़ी मात्रा में ज़िंक, पोटैशियम, आयरन और एंटीऑक्सीडेंट्स भी होते हैं। यह लंबे समय तक ऊर्जा देती है और इसे खाने के बाद आपको थकान महसूस नहीं होती।
(अस्वीकरण: इस लेख में दी गई सलाह सामान्य जानकारी के लिए है। किसी भी स्वास्थ्य या आहार संबंधी बदलाव के लिए, या किसी बीमारी से संबंधित उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर या विशेषज्ञ से सलाह ज़रूर लें।)
















