छत्तीसगढ़

सरकारी विश्राम गृह में अश्लील पार्टी : डिप्टी रेंजर और महिला फॉरेस्टर पर गिरी गाज

सूरजपुर। छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले से एक शर्मनाक मामला सामने आया है, जहाँ कुमेली वाटरफॉल स्थित वन विभाग के सरकारी रेस्ट हाउस में नियमों को ताक पर रखकर अश्लील डांस पार्टी आयोजित की गई। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद वन विभाग ने सख्त रुख अपनाते हुए डिप्टी रेंजर रविशंकर तिवारी और महिला फॉरेस्टर शैलेश टीना लकड़ा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इसके साथ ही तत्कालीन रेंजर आरसी प्रजापति को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।

क्या है पूरा मामला?

सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहे वीडियो में देखा जा सकता है कि शासकीय विश्राम गृह के भीतर रात के समय आर्केस्ट्रा का आयोजन किया गया था। इस महफिल में महिला डांसरों द्वारा आपत्तिजनक नृत्य किया जा रहा था, जिस पर मौजूद लोग पैसे लुटाते नजर आए।

शराबखोरी के आरोप: स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि इस सरकारी आवास का उपयोग रसूखदार लोगों द्वारा शराब और शबाब की पार्टियों के लिए किया जाता रहा है।

नियमों का उल्लंघन: पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए बना यह रेस्ट हाउस विभागीय मिलीभगत से निजी अय्याशी का अड्डा बन गया था।

जाँच में हुए चौंकाने वाले खुलासे

मामले की गंभीरता को देखते हुए डीएफओ (DFO) तुलेश्वर साहू और एसडीओ (SDO) अशोक तिवारी की टीम ने मौके पर पहुँचकर तफ्तीश की। जाँच के दौरान कुछ महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए हैं:

पुराना है वीडियो: प्रारंभिक जाँच और सरपंच व चौकीदार के बयानों के अनुसार, यह वीडियो लगभग 1.5 से 2 साल पुराना बताया जा रहा है।

नेताओं की संलिप्तता: बताया गया कि एक जनपद सदस्य की पार्टी के लिए तत्कालीन रेंजर आरसी प्रजापति ने रेस्ट हाउस की चाबियाँ उपलब्ध कराई थीं।

फोरेंसिक जाँच: वीडियो की प्रामाणिकता और सही समय का पता लगाने के लिए डीएफओ ने पुलिस अधीक्षक (SP) प्रशांत ठाकुर को पत्र लिखकर फोरेंसिक जाँच की मांग की है।

विभाग की सख्त चेतावनी

वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि सरकारी संपत्तियों का दुरुपयोग और मर्यादा का उल्लंघन कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। फिलहाल दो कर्मचारियों को सस्पेंड कर विभागीय जाँच बिठा दी गई है। जाँच रिपोर्ट के आधार पर भविष्य में और भी कड़ी कार्रवाई की जा सकती है।

विश्राम गृह जैसे सार्वजनिक स्थलों पर इस तरह की गतिविधियों ने न केवल विभाग की छवि धूमिल की है, बल्कि स्थानीय पर्यटन पर भी बुरा असर डाला है।

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