कबीरधाम के सेमो में बिजली संकट का समाधान : डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने किया नए विद्युत उपकेंद्र का शिलान्यास

कवर्धा। कबीरधाम जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली की समस्या को जड़ से खत्म करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। प्रदेश के उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने ग्राम सेमो में 2.38 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले 33/11 के.व्ही. विद्युत उपकेंद्र की आधारशिला रखी। इस नई परियोजना से न केवल बिजली की कटौती पर लगाम लगेगी, बल्कि क्षेत्र के विकास को भी नई ऊर्जा मिलेगी।
परियोजना की मुख्य विशेषताएं और लाभ
इस उपकेंद्र के निर्माण से क्षेत्र की विद्युत अधोसंरचना में क्रांतिकारी बदलाव आने की उम्मीद है:
10 गांवों को सीधा फायदा: सेमो समेत सोनबरसा, चारभांठा, गदहाभांठा, बारदी, बरदुली, मानपुर, सिंघनपुरी, भेलवाभांवर और दुल्लापुर के ग्रामीणों को अब बेहतर वोल्टेज मिलेगा।
2000 से अधिक उपभोक्ता: इस पहल से लगभग 2,000 से ज्यादा घरेलू और कृषि उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित होगी।
किसानों को बड़ी राहत: क्षेत्र में लगभग 500 कृषि पंप हैं। नया सब-स्टेशन बनने से लो-वोल्टेज की समस्या खत्म होगी, जिससे सिंचाई कार्य सुचारू रूप से हो सकेंगे।
उच्च क्षमता का सिस्टम: यहाँ 5 MVA क्षमता का पावर ट्रांसफार्मर लगाया जाएगा और वितरण को दुरुस्त करने के लिए 3 अलग-अलग फीडर (11 KV) निकाले जाएंगे।
“गांवों तक विकास पहुँचाना हमारी प्राथमिकता” – विजय शर्मा
भूमि पूजन के दौरान ग्रामीणों को संबोधित करते हुए उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सरकार का लक्ष्य विकास की रोशनी को शहरों से निकालकर वनांचलों और सुदूर गांवों तक पहुँचाना है।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में इन गांवों को ‘बिजई उपकेंद्र’ से बिजली मिलती थी, जिससे दूरी अधिक होने के कारण अक्सर वोल्टेज कम रहता था और बारिश के समय ट्रिपिंग की समस्या आती थी। नया केंद्र बनने से बिजई सब-स्टेशन पर दबाव कम होगा और ग्रामीणों को स्थायी बिजली मिलेगी।
जनसंवाद और समाधान: कार्यक्रम के दौरान डिप्टी सीएम ने ग्रामीणों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं भी सुनीं। उन्होंने मौके पर ही अधिकारियों को जन शिकायतों के त्वरित निराकरण के निर्देश दिए और प्रधानमंत्री आवास योजना की प्रगति की समीक्षा भी की।
क्षेत्र की बदलती तस्वीर
इस अवसर पर जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री कैलाश चंद्रवंशी सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि और विद्युत विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। स्थानीय निवासियों में इस परियोजना को लेकर भारी उत्साह है, क्योंकि यह उपकेंद्र उनके दैनिक जीवन और खेती-किसानी की सबसे बड़ी बाधा ‘बिजली संकट’ को दूर करने वाला साबित होगा।
















