अंगदान करने वालों को मिले ‘अंतिम विदाई’ का राजकीय सम्मान : डॉ. रमन सिंह की पहल

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने मानवता की सेवा में एक अनुकरणीय कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को एक विशेष प्रस्ताव भेजा है। डॉ. सिंह ने मांग की है कि राज्य में जो व्यक्ति मृत्यु के पश्चात अपने अंगों का दान (Organ Donation) कर दूसरों को नया जीवन देते हैं, उनका अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान (State Honours) के साथ किया जाना चाहिए।
मानवता के प्रति सम्मान: डॉ. रमन सिंह का मानना है कि अंगदान करने वाले व्यक्ति समाज के सच्चे नायक होते हैं। उनके इस सर्वोच्च बलिदान को आधिकारिक मान्यता मिलना आवश्यक है।
जागरूकता में वृद्धि: यदि सरकार अंगदान करने वालों को राजकीय सम्मान देती है, तो इससे समाज में एक सकारात्मक संदेश जाएगा और अधिक लोग इस नेक कार्य के लिए प्रेरित होंगे।
अन्य राज्यों का अनुसरण: उल्लेखनीय है कि ओडिशा जैसे कुछ अन्य राज्यों ने पहले ही अंगदान करने वालों के पार्थिव शरीर का राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार करने का निर्णय लिया है। इसी तर्ज पर छत्तीसगढ़ में भी इसे लागू करने का सुझाव दिया गया है।
अंगदान का महत्व: एक जीवन से कई जिंदगियां
अंगदान की प्रक्रिया विज्ञान और मानवता का अद्भुत संगम है। एक व्यक्ति की मृत्यु के बाद उसके अंगों से कई लोगों को नया जीवन मिल सकता है:
अंग, लाभ
कॉर्निया (आंखें),दृष्टिहीन व्यक्ति को दुनिया देखने की शक्ति मिलती है।
हृदय (Heart),हार्ट फेलियर के मरीजों के लिए जीवनरक्षक।
किडनी,डायलिसिस पर निर्भर मरीजों को सामान्य जीवन प्रदान करती है।
लीवर,गंभीर लिवर रोगों से जूझ रहे मरीजों की जान बचाता है।
निष्कर्ष
डॉ. रमन सिंह की यह अनुशंसा न केवल शोक संतप्त परिवारों को गौरव की अनुभूति कराएगी, बल्कि छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य और सेवा के क्षेत्र में एक नई चेतना भी जागृत करेगी। अब गेंद राज्य सरकार के पाले में है कि वह इस संवेदनशील और महत्वपूर्ण मांग पर क्या निर्णय लेती है।
















