छत्तीसगढ़

खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स का आयोजन जनजातीय प्रतिभाओं के लिए ऐतिहासिक और यादगार मंच : मुख्यमंत्री साय

रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में आयोजित 10 दिवसीय ‘खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026’ का समापन समारोह पंडित दीनदयाल ऑडिटोरियम में अत्यंत उत्साह के साथ संपन्न हुआ। इस ऐतिहासिक अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने जनजातीय युवाओं की खेल प्रतिभा को निखारने के लिए इसे एक मील का पत्थर बताया। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि अब हर साल इस प्रतिष्ठित खेल प्रतियोगिता का आयोजन छत्तीसगढ़ की धरती पर किया जाएगा।

प्रधानमंत्री के विजन से मिली मेजबानी

मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने संबोधन में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन के कारण ही छत्तीसगढ़ को देश के पहले ट्राइबल गेम्स की मेजबानी का गौरव मिला। उन्होंने केंद्रीय खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया के सहयोग की भी सराहना की, जिससे छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय खेल मानचित्र पर एक विशिष्ट पहचान मिली है।

जनजातीय संस्कृति और खेलों का संगम

मुख्यमंत्री ने कहा कि आदिवासी समाज और खेलों का नाता प्राचीन काल से रहा है। तीरंदाजी, कुश्ती और दौड़ जैसे खेल जनजातीय जीवन की शैली का हिस्सा हैं। उन्होंने जोर देकर कहा:

“प्रतिभा केवल बड़े शहरों की जागीर नहीं है। बस्तर, सरगुजा और झारखंड के सुदूर अंचलों में भी ऐसी ऊर्जा है जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन कर सकती है।”

इस आयोजन में 30 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के आदिवासी एथलीटों ने हिस्सा लिया, जिसे मुख्यमंत्री ने एकता और कौशल का ‘महाकुंभ’ करार दिया।

पदक तालिका और छत्तीसगढ़ का गौरवशाली प्रदर्शन

प्रतियोगिता में राज्यों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली। पदक तालिका में शीर्ष स्थान इस प्रकार रहे:

कर्नाटक: प्रथम स्थान

ओडिशा: द्वितीय स्थान

झारखंड: तृतीय स्थान

छत्तीसगढ़ की उपलब्धियां:

मेजबान छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 19 पदक (3 स्वर्ण, 10 रजत और 6 कांस्य) अपने नाम किए।

अनुष्का भगत: तैराकी में 4 रजत पदक जीतकर राज्य का मान बढ़ाया।

निकिता: वेटलिफ्टिंग में स्वर्ण पदक हासिल किया।

सिद्धार्थ नागेश: एथलीट स्पर्धा में स्वर्ण और रजत पर कब्जा किया।

टीमें: बालिका फुटबॉल टीम ने गोल्ड और बालक हॉकी टीम ने ब्रोंज मेडल जीतकर राज्य को गौरवान्वित किया।

खिलाड़ियों के लिए पुरस्कारों की बौछार

मुख्यमंत्री ने पदक विजेताओं का उत्साहवर्धन करने के लिए नकद पुरस्कारों की घोषणा की:

व्यक्तिगत खेल: स्वर्ण (2 लाख रु.), रजत (1.5 लाख रु.), कांस्य (1 लाख रु.)।

टीम खेल: स्वर्ण (1 लाख रु.), रजत (75 हजार रु.), कांस्य (50 हजार रु.)।

विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति

समारोह की गरिमा बढ़ाने के लिए अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाज मैरीकॉम और दिग्गज फुटबॉलर बाइचुंग भूटिया भी मौजूद रहे। उपमुख्यमंत्री और खेल मंत्री श्री अरुण साव ने बताया कि यह आयोजन आदिवासी युवाओं के लिए एक बड़े मंच की शुरुआत है। उन्होंने खिलाड़ियों को प्रदान की गई सुविधाओं और छत्तीसगढ़ी आतिथ्य की सफलता का भी उल्लेख किया। मुख्य सचिव श्री विकास शील ने जानकारी दी कि इस आयोजन में देशभर के 2000 से अधिक एथलीटों ने भाग लिया।

यह समापन समारोह केवल एक प्रतियोगिता का अंत नहीं, बल्कि आदिवासी खेल प्रतिभाओं के लिए ओलंपिक जैसे बड़े सपनों की ओर एक मजबूत कदम साबित हुआ है।

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