छत्तीसगढ़

एकीकृत खेती से पाकलू मरकाम ने बदली अपनी किस्मत : मछली पालन के साथ आय के नए रास्ते

कोण्डागांव। छत्तीसगढ़ के कोण्डागांव जिले में खेती-किसानी अब केवल पारंपरिक फसलों तक सीमित नहीं रही है। ग्राम पल्ली के एक प्रगतिशील युवा किसान, पाकलू मरकाम ने यह साबित कर दिया है कि यदि सरकारी योजनाओं का सही तालमेल और कड़ी मेहनत मिल जाए, तो सफलता निश्चित है। पाकलू ने प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना का लाभ उठाकर अपनी बंजर सोच को समृद्धि के तालाब में बदल दिया है।

सफलता की नींव: प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना

पाकलू मरकाम की उन्नति की कहानी साल 2023 से शुरू हुई। मत्स्य पालन विभाग के सहयोग से उन्होंने अपनी जमीन पर आधुनिक तालाबों का निर्माण कराया।

लागत और अनुदान: लगभग 11 लाख रुपये के इस प्रोजेक्ट में उन्हें सरकार की ओर से 6 लाख 60 हजार रुपये की बड़ी अनुदान राशि प्राप्त हुई।

मछलियों की किस्में: वर्तमान में पाकलू के पास तीन बड़े तालाब हैं, जिनमें वे रोहू, कतला, कॉमन कार्प, ग्रास कार्प और पंगास जैसी मछलियों का पालन कर रहे हैं।

समन्वित कृषि (Integrated Farming): एक ही छत के नीचे कई व्यवसाय

पाकलू की सफलता का असली राज ‘इंटीग्रेटेड फार्मिंग’ यानी समन्वित कृषि प्रणाली है। उन्होंने केवल मछली पालन पर निर्भर रहने के बजाय कई अन्य व्यवसायों को इसके साथ जोड़ा है:

व्यवसाय, मुख्य विशेषताएं

मछली पालन,”रोहू, कतला और पंगास का उत्पादन।”
कुक्कुट पालन,”सोनाली, देशी नस्ल और कीमती ‘असील’ मुर्गे।”
पशुपालन,लगभग 20 उन्नत नस्ल के सूकर।
बत्तख पालन,”खाकी कैंपबेल, इंडियन रनर और मोती प्रजाति की बत्तखें।”
फसल उत्पादन,मक्का और अन्य मौसमी फसलों की खेती।

विशेष आकर्षण: पाकलू असील नस्ल के मुर्गों का भी पालन कर रहे हैं, जो स्थानीय बाजारों में अपनी विशिष्टता के कारण बहुत ऊंचे दामों पर बिकते हैं।

आत्मनिर्भरता और आर्थिक मजबूती

इस बहुआयामी दृष्टिकोण का परिणाम यह है कि पाकलू मरकाम अब सालाना करीब 6 लाख रुपये की शुद्ध आय अर्जित कर रहे हैं। खेती के साथ-साथ पशुपालन और मत्स्य पालन के इस संगम ने उनकी आर्थिक स्थिति को न केवल सुदृढ़ किया है, बल्कि उन्हें क्षेत्र के युवाओं के लिए एक ‘रोल मॉडल’ बना दिया है।

पाकलू का मानना है कि किसानों को केवल एक ही स्रोत पर निर्भर रहने के बजाय उपलब्ध संसाधनों का अधिकतम उपयोग करना चाहिए। आज वे न केवल आत्मनिर्भर हैं, बल्कि आधुनिक कृषि की संभावनाओं को भी जीवंत कर रहे हैं।

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