बस्तर की धरा पर जनजातीय संस्कृति का शंखनाद, राष्ट्रपति मुर्मू ने किया ‘बस्तर पंडुम’ का आगाज़

जगदलपुर। छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में आज से सांस्कृतिक लोक-रंगों के महाकुंभ ‘बस्तर पंडुम-2026’ की भव्य शुरुआत हो गई है। देश की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने माँ दंतेश्वरी की इस पावन भूमि पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। उन्होंने दीप प्रज्वलित कर तीन दिनों तक चलने वाले इस गौरवशाली महोत्सव का औपचारिक उद्घाटन किया।
गरिमामयी उपस्थिति में हुआ शुभारंभ
इस ऐतिहासिक अवसर पर मंच पर प्रदेश के कई दिग्गज नेता और गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। राष्ट्रपति के साथ छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रेमन डेका और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय विशेष रूप से उपस्थित थे। इनके अलावा समारोह में निम्नलिखित जन-प्रतिनिधि भी शामिल हुए:
विजय शर्मा, उपमुख्यमंत्री
तोखन साहू, केंद्रीय राज्यमंत्री
केदार कश्यप, कैबिनेट मंत्री
किरण सिंह देव, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं स्थानीय विधायक
बस्तर में उत्साह का माहौल
यह महोत्सव जनजातीय कला, पारंपरिक रीति-रिवाजों और बस्तर की समृद्ध विरासत का अनूठा संगम है। राष्ट्रपति के आगमन और इस बड़े आयोजन को लेकर स्थानीय निवासियों में भारी उत्साह देखा जा रहा है। समूचा क्षेत्र स्थानीय वाद्ययंत्रों की गूँज और सांस्कृतिक छटा से सराबोर है, जो बस्तर की अस्मिता को विश्व पटल पर गौरवान्वित कर रहा है।
















