रायगढ़ के विकास को लगेंगे नए पंख : वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने परखी विकास कार्यों की रफ्तार

रायगढ़। छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री और रायगढ़ के स्थानीय विधायक ओ.पी. चौधरी ने अपने हालिया प्रवास के दौरान शहर को आधुनिक रूप देने के लिए चल रही नौ बड़ी परियोजनाओं का जायजा लिया। रायगढ़, जो अपनी सांस्कृतिक और साहित्यिक विरासत के लिए जाना जाता है, अब एक ‘हाईटेक सिटी’ बनने की दिशा में कदम बढ़ा रहा है।
प्रमुख परियोजनाओं की समीक्षा और निर्देश
वित्त मंत्री ने शहर के विभिन्न हिस्सों का दौरा कर निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और समय-सीमा पर जोर दिया। उनके निरीक्षण में शामिल प्रमुख स्थल निम्नलिखित हैं:
शिक्षा और स्वास्थ्य: कोतरा रोड पर बन रहा ऑक्सी-जोन और आधुनिक सुविधाओं से लैस नालंदा लाइब्रेरी।
खेल अधोसंरचना: रायगढ़ स्टेडियम में राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए तैयार हो रहा स्विमिंग पूल।
पर्यटन और सौंदर्य: पहाड़ मंदिर का सौंदर्यीकरण, फतहामुड़ा तालाब का कायाकल्प और केलो रिवर फ्रंट परियोजना।
कनेक्टिविटी: कायाघाट पुल निर्माण और मरीन ड्राइव का विकास।
समय-सीमा को लेकर सख्त रुख
निरीक्षण के दौरान श्री चौधरी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी कार्यों में उच्च गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए। जल संसाधन विभाग की समीक्षा करते हुए उन्होंने एनीकट निर्माण की प्रगति जानी।
विशेष निर्देश: जल संसाधन विभाग द्वारा एनीकट कार्य के लिए 15 जून की समय-सीमा दी गई थी, लेकिन आगामी मानसून को देखते हुए मंत्री जी ने इसे 15 मई तक हर हाल में पूरा करने का आदेश दिया।
साथ ही, उन्होंने जेलपारा एनीकट और खर्राघाट बैराज की टेंडर प्रक्रिया में हो रही देरी पर कड़ा असंतोष जताया और अधिकारियों को त्वरित कार्यवाही करने की चेतावनी दी।
केलो रिवर फ्रंट: शहर का नया आकर्षण
एसईसीएल के सीएसआर मद से करीब 28.26 करोड़ रुपये की लागत से ‘केलो रिवर फ्रंट’ विकसित किया जा रहा है। 29 जनवरी 2026 से शुरू हुई इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत कई सुविधाएं विकसित की जाएंगी:
नदी तट का सौंदर्यीकरण और छठ घाट का निर्माण।
वॉकिंग पाथवे (बोर्ड वॉक) और बैठने की उत्तम व्यवस्था।
पार्किंग, दुकानें (कियोस्क) और शौचालय की सुविधा।
जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति
इस महत्वपूर्ण दौरे के दौरान नगर निगम महापौर जीवर्धन चौहान, सभापति डिग्री लाल साहू, कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी और जिला पंचायत सीईओ सहित प्रशासनिक अमला मौजूद रहा। वित्त मंत्री ने स्पष्ट किया कि इन परियोजनाओं का उद्देश्य रायगढ़ की मूल पहचान को सुरक्षित रखते हुए इसे छत्तीसगढ़ का सबसे आधुनिक शहर बनाना है।
















