छत्तीसगढ़ में रेल क्रांति : रायपुर समेत प्रमुख शहरों में दोगुनी होगी ट्रेनों की रफ़्तार और क्षमता

रायपुर। छत्तीसगढ़ के विकास पथ पर एक और मील का पत्थर जुड़ गया है। भारतीय रेलवे की आगामी पांच वर्षों की विशेष कार्ययोजना के तहत देश के 48 प्रमुख शहरों में रेल परिचालन क्षमता को दोगुना करने का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर को भी प्रमुखता से शामिल किया गया है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने केंद्र सरकार के इस निर्णय को राज्य के नागरिकों के लिए एक “ऐतिहासिक उपहार” बताया है। उन्होंने कहा कि इस पहल से न केवल यात्रियों का सफर आसान होगा, बल्कि राज्य के व्यापार, पर्यटन और औद्योगिक विकास को भी नई ऊर्जा मिलेगी।
प्रमुख विकास कार्य और तकनीकी उन्नयन
रेल मंत्रालय की योजना के अनुसार, 2030 तक परिचालन क्षमता को दोगुना करने के लिए बुनियादी ढांचे में व्यापक बदलाव किए जाएंगे। इसके मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:
टर्मिनल विस्तार: वर्तमान स्टेशनों पर अतिरिक्त प्लेटफॉर्म, पिट लाइन और स्टेबलिंग लाइन का निर्माण।
आधुनिक सिग्नलिंग: ट्रेनों के सुरक्षित और त्वरित आवागमन के लिए अत्याधुनिक सिग्नलिंग और यार्ड आधुनिकीकरण।
मल्टी-ट्रैकिंग: पटरियों की संख्या बढ़ाकर सेक्शनल क्षमता में वृद्धि करना।
कोचिंग कॉम्प्लेक्स: ट्रेनों के बेहतर रख-रखाव के लिए ‘मेगा कोचिंग कॉम्प्लेक्स’ की स्थापना।
छत्तीसगढ़ में रेलवे का बदलता स्वरूप
राज्य में वर्तमान में रेलवे के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए 41,000 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट्स पर काम चल रहा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि इस वर्ष के केंद्रीय बजट में छत्तीसगढ़ को 6,925 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड आवंटन प्राप्त हुआ है, जो राज्य की रेल परियोजनाओं को गति प्रदान कर रहा है।
आर्थिक और सामाजिक प्रभाव
मुख्यमंत्री साय के अनुसार, रेलवे के इस विस्तार से रायपुर जंक्शन पर बढ़ते यात्री दबाव को कम करने में मदद मिलेगी। इससे छात्रों, मरीजों और व्यापारियों को अधिक ट्रेनें और बेहतर फ्रीक्वेंसी उपलब्ध होगी। साथ ही, राज्य में शत-प्रतिशत विद्युतीकरण का कार्य पूरा होने से पर्यावरण अनुकूल परिवहन को बढ़ावा मिला है।
रावघाट-जगदलपुर और खरसिया-नया रायपुर जैसी नई रेल लाइनें राज्य के दूरस्थ अंचलों को मुख्यधारा से जोड़ेंगी, जिससे भिलाई इस्पात संयंत्र जैसे उद्योगों को कच्चे माल की आपूर्ति आसान होगी और स्थानीय स्तर पर आर्थिक समृद्धि आएगी।
“प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ‘विकसित भारत @2047’ के संकल्प को पूरा करने की दिशा में छत्तीसगढ़ का रेल नेटवर्क एक मजबूत आधार बनेगा।” – विष्णु देव साय, मुख्यमंत्री
















