रायपुर में नशे के खिलाफ ‘सर्जिकल स्ट्राइक’: जिला एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स तैयार

रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी में नशे के सौदागरों पर नकेल कसने के लिए एक बड़ी प्रशासनिक पहल की गई है। रायपुर में कमिश्नरेट सिस्टम लागू होने के बाद अब मादक पदार्थों की तस्करी और अवैध बिक्री को जड़ से खत्म करने के लिए जिला एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANDTF) का विधिवत गठन कर दिया गया है।
टास्क फोर्स का ढांचा और टीम
नशा मुक्ति के इस अभियान को गति देने के लिए 10 चुनिंदा पुलिस अधिकारियों और जवानों की एक विशेष टीम बनाई गई है। इस टीम का स्वरूप इस प्रकार है:
निरीक्षक (Inspector): 01
उपनिरीक्षक (SI): 01
सहायक उपनिरीक्षक (ASI): 01
प्रधान आरक्षक (Head Constable): 03
आरक्षक (Constable): 04
नेतृत्व और निगरानी
इस विशेष बल की कमान अनुभवी अधिकारियों के हाथों में सौंपी गई है ताकि कार्यप्रणाली सटीक और परिणामोन्मुखी रहे:
नोडल अधिकारी: एसीपी अनुज कुमार (क्राइम एवं साइबर) को जिम्मेदारी दी गई है।
पर्यवेक्षण: पूरी टीम की गतिविधियों की मॉनिटरिंग सीधे पुलिस उपायुक्त (क्राइम) स्मृतिक राजनाला द्वारा की जाएगी।
टास्क फोर्स के मुख्य उद्देश्य
यह टीम केवल छापेमारी तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इसके कार्यक्षेत्र में निम्नलिखित बिंदु शामिल हैं:
सप्लाई चेन को तोड़ना: नशे के सामान के स्रोत (Source) से लेकर अंतिम वितरण नेटवर्क तक की पहचान कर कार्रवाई करना।
कठोर निगरानी: जिले में सूखे नशे और अन्य सिंथेटिक ड्रग्स की तस्करी पर प्रभावी रोक लगाना।
जागरूकता अभियान: कार्रवाई के साथ-साथ समाज और युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति सचेत करना।
इस कदम से उम्मीद जताई जा रही है कि रायपुर में अवैध मादक पदार्थों के काले कारोबार पर लगाम लगेगी और कानून व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ होगी।
















