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AI की दुनिया में सैलरी की जंग : OpenAI ने गूगल को पछाड़ा, दे रहा है करोड़ों का पैकेज

नई दिल्ली (एजेंसी)। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को लेकर अक्सर यह डर जताया जाता है कि यह नौकरियां खत्म कर देगा, लेकिन हकीकत इसके उलट भी है। चैटजीपीटी (ChatGPT) बनाने वाली कंपनी OpenAI इस क्षेत्र में टैलेंट को अपनी ओर खींचने के लिए पानी की तरह पैसा बहा रही है। हालिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कंपनी एआई एक्सपर्ट्स को औसतन 13.5 करोड़ रुपये ($1.5 मिलियन) का सालाना पैकेज ऑफर कर रही है, जो गूगल जैसी दिग्गज कंपनियों की तुलना में कहीं अधिक है।

टेक दिग्गजों से बहुत आगे है OpenAI

एआई सेक्टर में टैलेंट की भारी मांग को देखते हुए OpenAI ने वेतन के मामले में नए मानक स्थापित किए हैं। अगर हम इतिहास पर नजर डालें, तो गूगल ने जब 2003 में अपना IPO पेश किया था, तब उसके कर्मचारियों का स्टॉक-आधारित पैकेज OpenAI के मौजूदा पैकेज से लगभग सात गुना कम था।

इतना ही नहीं, OpenAI का यह वेतन पैकेज दुनिया की 18 बड़ी टेक कंपनियों द्वारा उनके IPO वर्ष में दिए गए औसत पैकेज से 34 गुना ज्यादा है। यह आंकड़े साफ करते हैं कि 2026 में एआई स्किल्स की वैल्यू मार्केट में किस कदर बढ़ चुकी है।

भारी पैकेज के फायदे और चुनौतियां

OpenAI द्वारा दिए जा रहे इस विशाल पैकेज ने कंपनी के कई शुरुआती कर्मचारियों को अमेरिका के सबसे अमीर व्यक्तियों की श्रेणी में खड़ा कर दिया है। हालांकि, इस रणनीति के कुछ वित्तीय जोखिम भी सामने आ रहे हैं:

बढ़ता घाटा: कर्मचारियों को भारी सैलरी और इक्विटी देने के कारण कंपनी के परिचालन (Operations) खर्च में भारी बढ़ोतरी हुई है, जिससे घाटा भी बढ़ा है।

शेयरहोल्डर्स पर असर: भारी मात्रा में इक्विटी बांटने से मौजूदा शेयरधारकों की हिस्सेदारी कम (Dilution) हो रही है।

मार्केट में मुकाबला: केवल OpenAI ही नहीं, मेटा (Meta) के सीईओ मार्क जुकरबर्ग भी एआई रिसर्चर्स को जोड़ने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा रहे हैं। मेटा में कुछ टॉप पदों के लिए ऑफर तो अरबों तक पहुँच रहे हैं, जिसके कारण कई इंजीनियर्स OpenAI छोड़कर मेटा का रुख कर रहे हैं।

भविष्य की राह
यह स्पष्ट है कि आने वाले समय में एआई सेक्टर में नौकरियों की कमी नहीं होगी, बल्कि जिनके पास सही कौशल है, उनके लिए सैलरी की कोई सीमा नहीं रहेगी। टॉप रिसर्चर्स और इंजीनियर्स को अपने साथ बनाए रखने के लिए टेक कंपनियों के बीच यह “सैलरी वॉर” अभी और तेज होने की उम्मीद है।

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