कोण्डागांव के किसान पुत्र संजय कोर्राम ने बस्तर हेरिटेज मैराथन में जमाया अपना दबदबा

बस्तर की माटी से निकले एक होनहार धावक की संघर्ष गाथा
कोण्डागांव। कड़ी मेहनत और मजबूत इरादों के दम पर इंसान किसी भी मुश्किल को पार कर सकता है। कोण्डागांव जिले के ग्राम चिलपुटी के रहने वाले संजय कोर्राम ने रविवार को संपन्न हुई ‘बस्तर हेरिटेज मैराथन’ में शानदार प्रदर्शन करते हुए पहला स्थान हासिल किया है। एक साधारण किसान परिवार से ताल्लुक रखने वाले संजय की यह कामयाबी पिछले कई वर्षों की निरंतर मेहनत और पसीने का नतीजा है।
जिम्मेदारियों के बीच कायम रखा जुनून
संजय की यह उपलब्धि इसलिए भी प्रेरणादायक है क्योंकि उन्होंने बहुत कम उम्र में परिवार की बड़ी जिम्मेदारियां अपने कंधों पर उठाई हैं। पिता के निधन के बाद घर का सारा भार उन्हीं पर है। एक भाई भारतीय सेना में देश की सेवा कर रहा है, जबकि दूसरा पढ़ाई कर रहा है। संजय खुद घर की छह-सात एकड़ खेती और मक्के की फसल की देखभाल करते हैं।
हालांकि संजय का सपना कभी सेना में भर्ती होकर देश की सेवा करना था, लेकिन पारिवारिक स्थितियों के कारण उन्होंने घर पर रहकर जिम्मेदारियों को प्राथमिकता दी। इसके बावजूद, दौड़ने के प्रति उनका उत्साह कभी कम नहीं हुआ।
राज्य स्तर पर मनवा चुके हैं अपना लोहा
संजय सिर्फ अपने गृह जिले तक ही सीमित नहीं हैं, बल्कि राज्य के बड़े मंचों पर भी अपनी प्रतिभा का परिचय दे चुके हैं। उन्होंने अबूझमाड़ मैराथन में पाँचवाँ और भिलाई स्टील प्लांट द्वारा आयोजित दौड़ में दसवाँ स्थान प्राप्त किया है। कोण्डागांव की स्थानीय दौड़ प्रतियोगिताओं में तो वे लगातार जीत हासिल कर रहे हैं।
बस्तर हेरिटेज मैराथन में मिली इस बड़ी जीत ने न केवल उनके परिवार, बल्कि पूरे गांव का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है। संजय की यह कहानी इस बात का प्रमाण है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत सच्ची हो, तो खेतों की पगडंडियों से उठकर कोई भी शिखर को छू सकता है।
















