छत्तीसगढ़ में सुरक्षा और सुशासन से समृद्धि की नई राह : मुख्यमंत्री साय

रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने हाल ही में नेशनल डिफेंस कॉलेज (NDC) के एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने राज्य के विकास, सुरक्षा चुनौतियों और भविष्य की योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की। मुख्यमंत्री ने रेखांकित किया कि केंद्र और राज्य की ‘डबल इंजन’ सरकार के ठोस प्रयासों से प्रदेश की सबसे बड़ी बाधा, नक्सलवाद, अब अपने अंतिम चरण में है।
प्रमुख बिंदु: संवाद और उपलब्धियां
मुख्यमंत्री ने सैन्य और सिविल सेवा अधिकारियों के दल को राज्य की प्रगति के विभिन्न पहलुओं से अवगत कराया:
संसाधनों का धनी प्रदेश: छत्तीसगढ़ न केवल सघन वनों (लगभग 46%) से आच्छादित है, बल्कि यहां कोयले से लेकर हीरे तक के प्रचुर भंडार हैं।
ऊर्जा का केंद्र: वर्तमान में राज्य 30,000 मेगावाट बिजली उत्पादन के साथ एक ‘पावर सरप्लस’ राज्य है। आगामी वर्षों में 3 लाख करोड़ रुपये के निवेश से इस क्षमता में भारी वृद्धि होने की उम्मीद है।
कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था: ‘धान का कटोरा’ कहे जाने वाले इस राज्य में 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी और भूमिहीन मजदूरों को वार्षिक 10,000 रुपये की सहायता दी जा रही है।
महिला सशक्तिकरण: ‘महतारी वंदन योजना’ के माध्यम से अब तक 15,000 करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे महिलाओं के खातों में भेजी जा चुकी है।
नक्सलवाद पर प्रहार और सुरक्षा रणनीति
अध्ययन दल का नेतृत्व कर रहे एयर कमोडोर अजय कुमार चौधरी ने राज्य की स्पष्ट नीतियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि बेहतर समन्वय और सशक्त नेतृत्व के कारण सुरक्षा बलों का मनोबल बढ़ा है, जिससे नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास कार्यों ने गति पकड़ी है।
“प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ अब शांति और प्रगति के एक नए युग में प्रवेश कर रहा है।” — मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
अध्ययन दल का अनुभव और भ्रमण
NDC के 66वें प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत 15 अधिकारियों का यह दल ‘आर्थिक सुरक्षा और रणनीति’ विषय पर अध्ययन के लिए छत्तीसगढ़ पहुंचा था। इस दल में भूटान, बांग्लादेश, म्यांमार, जापान और ग्रीस के सैन्य अधिकारी भी शामिल थे।
भ्रमण के मुख्य पड़ाव:
नया रायपुर: आधुनिक शहर नियोजन का अवलोकन।
बस्तर व कांकेर: जंगल वारफेयर कॉलेज की कार्यप्रणाली और जनजातीय संस्कृति का अनुभव।
भिलाई: स्टील प्लांट की औद्योगिक शक्ति और कानून-व्यवस्था की समीक्षा।
विदेशी प्रतिनिधियों ने छत्तीसगढ़ की भौगोलिक विविधता और विशेषकर चित्रकोट जलप्रपात व बस्तर के शिल्पग्राम की प्रशंसा करते हुए इसे एक “अद्भुत और यादगार” यात्रा बताया।
















