सुरक्षाबलों की मुस्तैदी से नक्सलियों के मंसूबे पस्त, सुकमा में स्मारक ढहाए और बीजापुर में भारी विस्फोटक बरामद

रायपुर। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित इलाकों में सुरक्षाबलों ने एक बार फिर नक्सलियों की साजिशों को नाकाम कर दिया है। सुकमा और बीजापुर जिलों में सक्रिय जवानों ने न केवल नक्सलियों के प्रतीकों को नष्ट किया, बल्कि एक बड़े हमले की योजना को भी विफल कर दिया।
सुकमा में नक्सलियों के स्मारकों पर चला बुलडोजर
सुकमा जिले के दो अलग-अलग क्षेत्रों में सुरक्षाबलों ने नक्सलियों द्वारा बनाए गए स्मारकों को मिट्टी में मिला दिया:
डब्बाकोन्टा क्षेत्र: यहाँ के पिड़मेल गांव में नक्सलियों ने अपना एक आधार स्तंभ (स्मारक) खड़ा किया था। सीआरपीएफ (CRPF) की 50वीं बटालियन के जवानों ने कमांडेंट प्रेमजीत कुमार के नेतृत्व में कार्रवाई करते हुए बुलडोजर की मदद से इसे ध्वस्त कर दिया।
गोगुंडा इलाका: एटापारा के पास स्थित एक अन्य स्मारक को भी सुरक्षाबलों ने निशाना बनाया। सीआरपीएफ की 74वीं बटालियन और कोबरा (CoBRA) 201 बटालियन के संयुक्त दल ने विस्फोटक का उपयोग कर इस ढांचे को पूरी तरह नष्ट कर दिया।
ये स्मारक नक्सलियों के लिए उनके प्रचार और शक्ति प्रदर्शन का जरिया थे, जिन्हें हटाकर प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया है।
बीजापुर: सड़क के नीचे छिपाया गया 30 किलो का ‘मौत का जाल’
बीजापुर जिले में जवानों ने एक बड़ी अनहोनी को टाल दिया। आवापल्ली-मुरदण्डा मार्ग पर गश्त के दौरान बम निरोधक दस्ते (BDDS) को स्टेट हाईवे-63 के पास कुछ संदिग्ध मिला।
जांच करने पर पता चला कि नक्सलियों ने बड़े वाहनों को उड़ाने के इरादे से सड़क के किनारे एक गहरी सुरंग (Foxhole) बनाकर 30 किलोग्राम वजनी आईईडी (IED) छिपाया था। यह विस्फोटक मुख्य सड़क से लगभग 2 फीट नीचे और 5 फीट अंदर दबाया गया था। सुरक्षा कारणों से इसे सुरक्षित बाहर निकालना जोखिम भरा था, इसलिए विशेषज्ञों ने मौके पर ही इसे नियंत्रित विस्फोट के जरिए नष्ट कर दिया।
















