छत्तीसगढ़

संवेदनशील शासन : जनदर्शन बना उम्मीदों का आधार

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में मुख्यमंत्री निवास पर आयोजित जनदर्शन कार्यक्रम ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि जब शासन जनता के प्रति संवेदनशील होता है, तो लोगों के सपने और विश्वास को नई दिशा मिलती है।

13 नवंबर 2025 को हुए इस कार्यक्रम में प्रदेश के अलग-अलग जिलों से आए नागरिकों ने अपनी समस्याएँ, सुझाव और आकांक्षाएँ मुख्यमंत्री के समक्ष रखीं। मुख्यमंत्री ने प्रत्येक आवेदक की बात को ध्यान से सुना और अधिकारियों को तुरंत समाधान के निर्देश दिए। यह कार्यक्रम सरकार की जवाबदेही, संवेदनशीलता और त्वरित निर्णय क्षमता का एक सुंदर उदाहरण था।

विश्वास की डोर : जनदर्शन की संवेदनशीलता

मुख्यमंत्री श्री साय ने जोर देकर कहा कि जनदर्शन प्रदेश सरकार की संवेदनशीलता और जवाबदेही का प्रतीक है।

उन्होंने स्पष्ट किया, “हमारा प्रयास है कि ज्यादा से ज्यादा लोगों की समस्याओं का मौके पर ही निराकरण किया जाए।” इस कार्यक्रम में महिलाएँ, छात्र, किसान, बुजुर्ग और दिव्यांगजन बड़ी संख्या में शामिल हुए। आवास, छात्रवृत्ति, रोजगार, स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े अधिकांश आवेदनों का समाधान उसी दिन कर दिया गया। लोगों के चेहरे पर आई राहत और संतोष की मुस्कान इस पहल की सफलता को दर्शाती है।

पूनम की मुस्कान ने छुआ सबका मन

रायपुर की 11 वर्षीय पूनम, जो सेरेब्रल पाल्सी से पीड़ित है, जनदर्शन की सबसे भावुक पल रही। मुख्यमंत्री ने उसकी शिक्षा की जिम्मेदारी लेते हुए उसे विशेष विद्यालय में दाखिला दिलाने और छात्रवृत्ति देने की घोषणा की। मुख्यमंत्री द्वारा एक बच्ची के भविष्य का जिम्मा लेने का यह क्षण वहाँ मौजूद सभी के लिए भावनात्मक था।

अंकुश देवांगन की कला का प्रदर्शन

भिलाई निवासी कलाकार अंकुश देवांगन ने अपनी अद्भुत कलाकृति जनदर्शन में प्रस्तुत की। अंकुश ने मुख्यमंत्री के माध्यम से प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की सूक्ष्म संगमरमर की प्रतिमा उन्हें भेंट की। सिर्फ आधे सेंटीमीटर की इस प्रतिमा को माइक्रोस्कोपिक लेंस से ही देखा जा सकता है। मुख्यमंत्री श्री साय ने इस कलाकृति को “समर्पण और धैर्य की अद्वितीय मिसाल” बताया और अंकुश की कला की जमकर प्रशंसा की।

राजनीतिक यात्रा का अनूठा मानचित्र

सारंगढ़-बिलाईगढ़ के शिवकुमार निराला ने मुख्यमंत्री को “प्रदेश की राजनीतिक यात्रा का मानचित्र” भेंट किया। इसमें 1998 से अब तक के लोकसभा और विधानसभा चुनावों का सीटवार विश्लेषण और जनप्रतिनिधियों का कलात्मक चित्रण शामिल था। मुख्यमंत्री ने इसे “केवल आंकड़ों का नहीं, बल्कि सृजनात्मक सोच का सुंदर उदाहरण” कहा।

मनीष को मिला नया आत्मविश्वास

रायपुर के दिव्यांग युवक मनीष खुंटे अपनी बैटरी स्कूटी चलाकर जनदर्शन पहुँचे। यह वही स्कूटी थी जो उन्हें पिछले जनदर्शन में मुख्यमंत्री द्वारा स्वीकृत की गई थी। मुख्यमंत्री ने उनसे आत्मीयता से बात की और उनके साथ सेल्फी भी ली। मनीष ने कहा, “अब कहीं आने-जाने में कोई दिक्कत नहीं होती, यह मेरे जीवन की नई शुरुआत है।”

अनुसूचित जाति छात्रावास का होगा नया निर्माण

मुख्यमंत्री ने रायपुर स्थित अनुसूचित जाति बालक छात्रावास की पुरानी और जर्जर स्थिति को देखते हुए, 200 सीटों वाले सर्वसुविधायुक्त नए भवन के निर्माण का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि छात्रों को सुरक्षित और अनुकूल अध्ययन वातावरण देना सरकार की प्राथमिकता है।

श्रवण यंत्र से लौटी सुनने की शक्ति

रायपुर के ब्राह्मण पारा निवासी रमन निर्मलकर को मुख्यमंत्री ने तत्काल श्रवण यंत्र प्रदान किया। भावुक निर्मलकर ने कहा, “मुख्यमंत्री जी ने मेरी आवाज सुनी और मुझे सुनने की शक्ति वापस लौटा दी।”

खिलाड़ियों से संवाद : प्रोत्साहन का संदेश

जनदर्शन में वूमेन्स सेल्फ डिफेंस ऑर्गनाइजेशन की महिला खिलाड़ियों से मुख्यमंत्री ने मुलाकात की और खेल प्रतिभाओं को हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया। इसी दौरान, अभनपुर के दिव्यांग रग्बी खिलाड़ी पिंटू साहू को ₹90,000 की सहायता राशि स्वीकृत की गई। पिंटू ने इसे अपने खेल जीवन की “नई शुरुआत” बताया।

जनदर्शन : सरकार और जनता के बीच का सेतु

जनदर्शन के समापन पर लोगों के चेहरों पर विश्वास और संतोष साफ झलक रहा था। यह कार्यक्रम केवल समस्याओं के समाधान का मंच नहीं, बल्कि सरकार और जनता के बीच सशक्त संवाद का सेतु बन गया है। जनता का मानना था कि यहाँ “हर आवाज को सम्मान और हर समस्या को समाधान” मिलता है।

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